चीनी की कीमतों में हेरफेर…

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मनिला (फिलीपींस): चीनी नियामक प्रशासन (एसआरए) ने फिलीपींस सरकार से आग्रह किया कि, चीनी के खुदरा और मिलों की कीमतों के बीच बढ़ती खाई की जांच करें। चीनी नियामक प्रशासन (एसआरए) को संदेह है कि, स्थानीय किसान, श्रमिक और उत्पादक की कीमत पर “कुछ सेक्टर” बड़े पैमाने पर मुनाफा कमा रहे हैं। चीनी हितधारकों के साथ परामर्श के बाद, एसआरए अधिकारियों को अब संदेह है कि, खुदरा चीनी की बढ़ती कीमतों में थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं द्वारा हेरफेर किया जा रहा है।

एसआरए बोर्ड में मिलर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले रोलैंड बेल्ट्रान ने कहा कि, पिछले महीनों के लिए चीनी की मिलगेट कीमतें P (peso / पेसो) 1,450 से P 1,500 प्रति 50 किलो के बैग पर स्थिर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, मिलों के गोदाम चीनी से भरे हुए हैं, और फिर भी चीनी की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी कृत्रिम है और इसमें हेरफेर किया जा रहा है। बेल्ट्रान ने कहा, जब चीनी की खुदरा कीमतें P 60 प्रति किलो से अधिक हो जाती हैं, तो मौजूदा मिल गेट की कीमत दोगुनी होनी चाहिए।

एसआरए की मूल्य निगरानी के आधार पर, इस महीने के पहले सप्ताह के दौरान रिफाइंड चीनी की खुदरा कीमत P 68.80 किलोग्राम तक पहुंच गई। यह अब औसत P 52 से P 65 के आसपास है। चीनी उत्पादक संघों के महासंघ बोर्ड के सदस्य सल्वाडोर एस्क्लांते ने पहले कहा कि, चीनी के लिए P 60 किलो के खुदरा मूल्य का मतलब है कि, मिल्स में प्रति 50-किलो बैग की कीमत P 3,000 के आसपास होनी चाहिए।

यलो ने कहा की, हम व्यापारियों पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अब हमें अपनी नजर थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं पर रखनी चाहिए, क्योंकि अगर वास्तव में आपूर्ति श्रृंखला में कोई समस्या है, तो यह निश्चित रूप से उत्पादकों और मिलरों से नहीं आ रही है।

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