चीनी मिल बिक्री घोटाले में मायावती की मुश्किलें बढ़ी

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लखनऊ : चीनी मंडी

चीनी मिल बिक्री घोटाले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और उनके कई कद्दावर नेता सीबीआई के रडार पर है। सीबीआई ने उत्तर प्रदेश चीनी निगम की बेची गई मिलों से जुड़े दस्तावेज मांगे है, जिससे मायावती की मुश्किलें बढ़ सकती है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने भी कई बार चीनी मिल बिक्री में घोटाले का आरोप लगाया था।

मायावती सरकार के दौरान प्रदेश में हुए चीनी मिलों के बिक्री में हुए घोटाले को लेकर सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीबीआई ने इस पूरे सौदे से जुड़े तत्कालीन कैबिनेट के निर्णयों की भी जानकारी मांगी है ताकि इस जांच को तह तक पहुंचाया जा सके। चीनी निगम लिमिटेड के अधीन 10 चालू व 11 बंद चीनी मिलों की बिक्री वर्ष 2010-11 में की गई थी। इसमें से देवरिया, बरेली, लक्ष्मीगंज और हरदोई स्थित इकाई खरीदने के लिए दिल्ली की नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी तथा रामकोला, छितौनी व बाराबंकी इकाई खरीदने के लिए गिरियाशों कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने दावा प्रस्तुत किया था। दोनों कंपनियों के निदेशकों ने वर्ष 2008-09 की बैलेंसशीट लगाई। शासन की तरफ से गठित समिति ने सलाहकारों की संस्तुति के आधार पर दोनों कंपनियों को सभी सातों इकाइयां बेच दीं थी।

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