कर्नाटक के गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए चीनी संस्थानों का विलय: मंत्री शिवराम हेब्बार

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बेलगावी: चीनी और श्रम मंत्री शिवराम हेब्बार ने कहा की, सर एम विश्वेश्वरैया गन्ना अनुसंधान संस्थान का गन्ना किसानों की भलाई के लिए एस निजलिंगप्पा चीनी संस्थान में विलय कर दिया गया है। एस निजलिंगप्पा चीनी संस्थान की 14 वीं वार्षिक आम बैठक में जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि, राज्य की 62 चीनी मिलों में से 51 मिलें एस निजलिंगप्पा इंस्टीट्यूट के अधिकार क्षेत्र में हैं और 11 विश्वेश्वरैया संस्थान से जुड़ी हैं। दोनों संस्थान अलग-अलग लेकिन किसानों की भलाई के लिए ही काम कर रहे थे, इसीलिए हमने विश्वेश्वरैया संस्थान का विलय करने का फैसला किया है। राज्य सरकार द्वारा सभी फसलों की खेती में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाया गया है। संस्थान भी किसानों को सभी जानकारी प्रदान करेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होगा।उन्होंने चीनी मिलर्स से अपील की कि, वे गन्ना किसानों के भुगतान में देरी न करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी बकाया समय पर भुगतान हो जाएं।चीनी आयुक्त अकरम पाशा ने कहा कि, इस वर्ष से चीनी मिलों की लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया पूरे वर्ष उपलब्ध रहेगी। दो चीनी मिलों को छोड़कर, सभी ने पिछले साल किसानों का बकाया भुगतान किया है।

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