2020-2021 सीजन: चीनी मिलों को अच्छी चीनी निर्यात की उम्मीद

307

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा चीनी निर्यात सब्सिडी की घोषणा के लगभग एक महीने बाद, देश में मिलरों ने लगभग 25 लाख टन चीनी निर्यात के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। मिलर्स को लगता है कि, वे इस सीजन में भी 60 लाख टन के निर्यात लक्ष्य को पूरा कर पाएंगे।

इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम में प्रकाशित खबर के मुताबिक, नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ के अध्यक्ष जयप्रकाश दांडेगांवकर ने कहा कि, देश पिछले सीजन के 59 लाख टन के निर्यात रिकॉर्ड से मेल खा सकता है। उन्होंने कहा कि, निर्यात निति पर देर से फैसले के बाद भी देश अप्रैल से पहले का लाभ उठा सकता है। अप्रैल के बाद, ब्राजील की मिलें परिचालन शुरू करेंगी और अंतर्राष्ट्रीय चीनी बाजारों पर हावी होंगी। दांडेगांवकर देश भर में चीनी मिलों के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कारों की घोषणा करने के लिए मीडिया को संबोधित कर रहे थे। महासंघ ने चीनी मिलों के लिए 21 पुरस्कारों की घोषणा की है, जिन्हें 26 मार्च को गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के क्षेत्र में आयोजित एक विशेष समारोह में दिया जाएगा।

नेशनल फेडरेशन के एमडी प्रकाश नाईकनवरे ने कहा कि, फरवरी और मार्च में देश में अधिक सौदों के अनुबंध की गुंजाइश है। वर्तमान में, भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एकमात्र खिलाड़ी है। अप्रैल में ब्राजील की चीनी बाजार में उतरने की संभावना है और इस सीजन में, ब्राजील ने चीनी उत्पादन के बजाय इथेनॉल उत्पादन पर फिर से ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। नाइकनवरे ने कहा कि, इंडोनेशिया एक प्रमुख आयातक रहा है और अब तक लगभग 12 लाख टन के सौदे हुए हैं। उन्होंने कहा कि,कुछ मिलों ने ओपन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) के तहत सौदों का अनुबंध किया है क्योंकि बाजार में चीनी की अच्छी मांग है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here