‘एमएसपी’ से नीचे चीनी बेचने वाली मिलों के लाइसेंस कर दिए जाएंगे रद्द

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पुणे : चीनी मंडी

कुछ मिलरों और उद्योग निकायों की कई रिपोर्टों और शिकायतों के बावजूद कुछ चीनी मिलें एमएसपी (न्यूनतम बिक्री मूल्य) से नीचे चीनी बेच रही हैं। केंद्र सरकार ने ‘एमएसपी’ कानून तोडने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। न्यूनतम बिक्री मूल्य से नीचे चीनी बेचने वाली इन मिलों के लाइसेंस रद्द करने पर भी सरकार ने विचार किया है।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) ने 20 मार्च 2019 को राज्य के गन्ना आयुक्तों को जारी एक पत्र में कहा है की, आपके राज्य की चीनी मिलों को चीनी के ‘एमएसपी’ के बारे में सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जाती है और चीनी मूल्य नियंत्रण आदेश, 2018 के उल्लंघन के तहत मिलों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक द्वारा आयोजित ‘साखर परिषद 20-20’ में बोलते हुए नॅशनल फेडरेशन ऑफ़ को-ऑपरेटिव फैक्ट्रीज़ कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाईकनवरे ने न्यूनतम बिक्री मूल्य से नीचे चीनी बेचने वाली चीनी मिलों के मुद्दे पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, खाद्य मंत्रालय ने राज्यों के गन्ना आयुक्तों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि, मिलें एमएसपी से नीचे चीनी न बेचें, जिसे हाल ही में 29 रुपये से बढ़ाकर 31 रूपये किलोग्राम कर दिया गया है। मंत्रालय ने गन्ना आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि, वे उन चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जो चीनी के ‘एमएसपी’ से कम पर बेच रही हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट करके और सरकार द्वारा प्रदान किए गए लाभों से चीनी मिलों को रोक दिया जाए।

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