‘अगले 4 दिनों में केरल पहुंच सकता है मॉनसून, पर देश के कुछ इलाकों में पड़ सकता है सूखा’

भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद लगाए लोगों और खासकर किसानों के लिए अच्छी खबर है। इस बार मॉनसून समय से पहले दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिणपश्चिम मॉनसून शुक्रवार को दक्षिण अंडमान सागर में पहुंच गया और इसके अगले 4 दिनों में केरल पहुंचने की संभावना है। अगर यह पूर्वानुमान बरकरार रहता है तो इस साल मॉनसून अपनी सामान्य तारीख से कम से कम 3 दिन पहले आएगा।

उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने की शुरुआत में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो सकती है। हालांकि मौसम का पूर्वानुमान लगानेवाली स्वतंत्र एजेंसियों का कहना है कि मजबूत शुरुआत के बाद देश के कई हिस्सों में बाढ़ और सूखा पड़ने की आशंका बढ़ गई है। खासतौर से खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण जुलाई और अगस्त के महीने में इसका खतरा ज्यादा है।

प्राइवेट फ़ॉरकास्टर ने भले ही सतर्क रहने को कहा हो पर IMD के निदेशक (लॉन्ग रेज फॉरकास्ट) डी. एस. पई का कहना है कि मॉनसूनी बारिश देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसी होगी, इसकी भविष्यवाणी करना अभी जल्दबाजी होगी। अमेरिका स्थित कमर्शल फॉरकास्टर AccuWeather ने कहा है कि मिड-सीजन बारिश अनियमित होगी। असमान मॉनसून से सूखा और बाढ़ का खतरा रहेगा।

एजेंसी के प्रमुख वैश्विक मौसम विज्ञानी जेसन निकॉलस ने कहा, ‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि दक्षिणपश्चिम मॉनसून जुलाई और अगस्त के महीने में ज्यादा अस्थिर होगा।’ जेसन ने भविष्यवाणी की है कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल और यूपी व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ भी आ सकती है।

कहां सूखा पड़ने की है आशंका
एजेंसी की मानें तो उत्तरपश्चिम और दक्षिणपूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सूखा पड़ सकता है। उधर, प्राइवेट फॉरकास्टर स्काइमेट ने भी असमान बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके मुताबिक उत्तरपूर्वी भारत के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून के सीजन में कम बारिश हो सकती है। स्काइमेट ने कहा है कि जुलाई और अगस्त के महीने में कम बारिश हो सकती है। यहां तक कि अगस्त में जुलाई से भी कम बारिश के आसार हैं।

मुंबई में भारी भारिश के आसार, रहें अलर्ट
Skymet CEO जतिन सिंह का कहना है कि शुरुआत में ही मुंबई में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में मुंबई के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 6-9 जून के बीच यहां भारी बारिश की संभावना है।

देश में मॉनसून का महत्व
आपको बता दें कि भारत की सालाना बारिश में 73% हिस्सा मॉनसून का है। सामान्य तौर पर यह 1 जून को केरल पहुंचता है पर इस बार इसके 3 दिन पहले दस्तक देने की उम्मीद है। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए मॉनसून का काफी महत्व है और इससे सीधेतौर पर किसान प्रभावित होते हैं। उधर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसी साल चुनाव भी होनेवाले हैं। मतदाताओं के वोटिंग पैटर्न को प्रभावित करने में भी यह अहम भूमिका निभा सकता है।

SOURCENavbharat Times

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