गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में अधिक से अधिक एटीएम सुविधा की जरूरत

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पटना, 04 फरवरी: केन्द्र सरकार देश में स्वच्छ और पारदर्शी शासन देने के लिए डिजीटल सेवाओं को बढावा दे रही है। इसके लिए ऑन लाइन सिस्टम को ग्राउंड जीरो पर लागू किया जा रहा है ताकि नागरिक सेवाओं की सर्व सुलभ पहुंच बढ़े। केन्द्र सरकार की इस पहल को राज्य सरकारें भी अपना रही है।

बिहार और यूपी जैसे राज्यों में इन सेवाओं के जरिए आमजन को उनका हक दिलाने में जुटी राज्य सरकारों ने केन्द्र से इस दिशा में सहयोग की अपील की है। बिहार जैसे राज्यों में बैंकिग सेवाओं में डिजीटल तकनीक के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है ताकि ग्रामीण इलाकों में बैंको का विस्तार हो और ऑन लाइन बैंकिंग के बढ़ावा मिल सके। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार का मकसद है कि प्रदेश की हर पंचायत में बैंको की शाखा खुलनी चाहिए ताकि गन्ना किसानों को चीनी मिलों द्वारा दिया जाने वाले बकाया की राशि तुरन्त उनके खाते में स्थानांतरित हो। उप मुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि गन्ना उत्पादक ग्राम पंचायतों में अगर बैंक होंगे तो किसानों के खाते में आए गन्ना बकाया के पैसे निकालने की सहुलियत भी होगी। सुशील मोदी ने कहा कि हमारा भारत सरकार से आग्रह हो कि प्रदेश में पंचायत स्तर बैंको की शाखा खुलनी चाहिए और हर गांव में बैंक एटीएम की सुविधा होनी चाहिए। मोदी ने कहा कि उन्होने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस संदर्भ में बैंकिग सेवाओं के विस्तार के लिए पत्र भी लिखा है।

उन्होंने कहा है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं कराता है. बिहार के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में अधिक से अधिक एटीएम सुविधा की जरूरत है. दूसरी ओर त्योहार के मौसम में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के एटीएम में नगदी नहीं रहने से लोगों को काफी असुविधा होती है.

गावों में बैंकिग सेवाओं के विस्तार से गन्ना किसानों के होने वाले फायदों पर बात करते हुए बिहार सरकार में गन्ना मंत्री बीमा भारती ने कहा कि गन्ना उत्पादक इलाकों में बैंकिग सेवाओं को बढावा देने और एटीएम खोलने से गन्ना किसानों को अपने घर के पास गांव में ही एटीएम सुविधा होने से वक्त बे वक्त नगदी निकालने में दिक्कत नहीं होगी। गांवो में बैंको की शाखाएं खुलने, एटीएम खुलने, उपभोक्ताओं को डिजीटल पासबुक मिलने, प्रिंटिग की सुविधा मिलने जैसी सुविधाएं देने से किसानों को न केवल फायदा होगा बल्कि बैंको में घंटो लाइन में लगने की समस्या से भी निजात मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि आज भी बिहार की पांच हजार ग्राम पंचायतों में स्थाई शाखाएँ नहीं है। बिहार के पूर्वी चंपारण के गन्ना किसान राम रतन सिन्हा ने कहा कि हमारे यहां गन्ना की खेती काफी होती है। सरकार ने चीनी मिलों को गन्ना किसानों का बकाया उनके खाते में डालने की व्यवस्था कर रखी है। लेकिन गांवो में आज भी हर जगह बैंक नहीं है इसलिए गन्ना किसानों को उन रुपयों को निकालने के लिए दूर कस्बे में जाना पडता है। अगर गांव में ही बैंक की शाखा खुल जाए या एटीएम लग जाए तो हम किसानों को जरूरत के वक्त परेशानी नहीं होगी। त्योंहार के वक्त नगदी नहीं होने से हम लोगों को काफी परेशानियों का समना करना पड़ता है। ऐसे में अगर सरकार हमारे लिए बैंक या एटीएम सुविधा प्रदान कराती है तो यह हमारे लिए सरकार की तरफ से खुशियों की सौग़ात होगी ।

गौरतलब है कि देश के आजाद होने के बाद, 1969 में बैंको के राष्ट्रीय होने के बाद इनकी शाखाओं का विस्तार तो हुआ है लेकिन आम आदमी तक बैंको की सर्व सुलभ पहुंच नहीं हो पायी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों के नए भारत के निर्माण के लिए जरूरी है कि देश की हर पंचायत में न केवल बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हों बल्कि ग्राम स्तर पर एटीएम की व्यवस्था भी हो ताकि किसानों के घर बैठे वित्तीय लेनदेन और निकासी की सुविधा मिल सके।

1 COMMENT

  1. Banking system ke sath sath New technology per dhyan dene ki jarurat hai. Din prati Din jamin kam hoti ja rahi hai . Cane cultivation mechenized ho iske liye Trench Redger, M.B.Plough aur Fungicide , Insecticide , Weedicide , Fertilizer , Bio Fertilizer per kisano ko subsidy milega to new technology apnakar kisan per acre apni yield bara sake. Labour ki din pratidin samsya barti ja rahi hai.

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