नई चीनी मिलों के लिए लाइसेंस जारी करना बंद करने की आवश्यकता: नितिन गडकरी

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अहमदनगर: महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में किसानों से चीनी के बजाय गन्ने के रस से एथेनॉल बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने कहा कि, चीनी मिलों के लिए नए लाइसेंस जारी करना तत्काल बंद करने की आवश्यकता है।

द हिन्दू में प्रकाशित खबर के मुताबिक, गडकरी अहमदनगर जिले में कई सड़क परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान बोल रहे थे, जहां उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा कि देश को 240 लाख टन चीनी की आवश्यकता है, जबकि बीते साल यहां पर 310 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस 70 लाख टन अतिरिक्त चीनी को एथेनॉल में परिवर्तित किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने पहले ही एथेनॉल पंपों की अनुमति दे दी है, तो महाराष्ट्र के सभी चीनी मिलों को अपने परिसर में एथेनॉल पंप शुरू करना चाहिए।

चीनी अधिशेष और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित हानिकारक प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए, गडकरी ने कहा, चीनी उत्पादन आज घाटे में चल रहा है, अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो किसानों को उनकी उपज के लिए कोई पैसा नहीं मिलेगा, बैंक घाटे में चले जायेंगें और चीनी मिलें बंद हो जाएंगी। इसलिए अब वक़्त आ गया है की, गन्ने के रस को एथेनॉल उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए। सरकार एथेनॉल खरीदने के लिए तैयार है। इस तरह भविष्य में सभी पेट्रोल वाहन एथेनॉल से चलेंगे और किसान भी पैसा कमा सकेंगे।

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