नेपाल में गन्ना बकाया भुगतान का मुद्दा गरमाया

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कठमांडू :चीनी मिलों द्वारा बकाया भुगतान में हो रही देरी के चलते गन्ना किसान सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार के अनुसार बकाया राशि के सरकारी आंकडें और किसानों के आंकडें मेल नही खा रहें है। जिसके कारण बकाया भुगतान समस्या जटिल बनी हुई है। गन्ना किसान संघर्ष समिति के नेता राकेश मिश्रा के अनुसार, पिछले पांच वर्षों से कम से कम 6,000 गन्ना किसानों को 360 मिलियन रुपये नहीं मिले हैं। उन्होंने आगे बताया कि, देश भर के किसानों को प्राप्त होने वाली कुल बकाया राशि 1.2 बिलियन रुपये है। दूसरी ओर, उद्योग और वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के अवर और सहायक प्रवक्ता उर्मिला केसी ने दावा किया कि, अधिकांश चीनी मिलों ने पहले ही किसानों को भुगतान जारी कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों को अन्नपूर्णा चीनी मिल (330 मिलियन रुपये), लुंबिनी मिल (84.1 मिलियन रुपये), इंदिरा मिल (47 मिलियन रुपये) और श्री राम मिल से भुगतान नहीं मिला है। उर्मिला केसी ने कहा, हमने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि संबंधित जिला प्रशासन कार्यालयों को चार चीनी मिलों से 790 मिलियन रुपये का भुगतान जल्द से जल्द करने के निर्देश जारी करें। इस बीच, नेपाल चीनी उत्पादक महासंघ के अध्यक्ष कपिल मुनि मैनाली के अनुसार, चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को कुल 800 मिलियन रुपये भुगतान करना बाकि हैं।

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