नेपाल: चीनी मिल बंद होने के बाद किसानों को गन्ना भुगतान की चिंता

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कठमांडू: गन्ना किसानों ने बंद पड़ी श्री राम चीनी मिल द्वारा अपने बकाया भुगतान के लिए सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। मिल 26 जुलाई से बंद है, जिससे गन्ना किसानों की परेशानियां बढ़ गई है। किसानों के अनुसार, अकेले रौतहट जिले के गन्ना किसानों का 410 मिलियन रुपये बकाया है। रौतहट के गरुडा में संचालित सबसे बड़े चीनी निर्माताओं में से एक, श्री राम चीनी मिल ने लगभग ढाई महीने पहले अपनी दिवालियेपन की घोषणा की। पिछले कुछ वर्षों में भारी वित्तीय घाटे का दावा करते हुए कंपनी के प्रबंधन ने मिल को स्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की।

संसदीय उद्योग, वाणिज्य, श्रम और उपभोक्ता कल्याण समिति को एक ज्ञापन सौंपकर किसानों के एक समूह ने सरकार से बकाया मुद्दा सुलझाने के लिए पहल करने की मांग की। चीनी मिल ने 2014-15 से किसानों को उनकी उपज का भुगतान नहीं करने की सूचना दी है। किसानों के अलावा, मिल प्रबंधन द्वारा अपने कर्मचारियों का 40 मिलियन रुपये बकाया है। किसानों के अनुसार, मिल मालिक किसानों और उनके कर्मचारियों को बता रहा है कि, मिल की अचल संपत्तियों को बेचने के बाद ही उनके सभी बकाए का भुगतान किया जायेगा। रौतहट जिले में लगभग 18,000 गन्ना किसान हैं। किसानों ने सरकार से चीनी मिल के पुनरुद्धार करने की मांग भी की ।

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