कोरोनावायरस के बाद अब ब्राज़ील में मिला एक नया रहस्यमय वायरस

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ब्राजीलिया: दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील में वैज्ञानिकों ने एक नए रहस्यमय वायरस का पता लगाया है, जिसका नाम ब्राजील की पौराणिक जलपरी (मरमेड) यारा के नाम पर, यारा-वायरस रखा गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि नए वायरस में ऐसे जीन मिले हैं जो इससे पहले किसी अन्य वायरस में नहीं देखे गए।

ब्राजील की एक झील में वैज्ञानिकों ने इस नए वायरस को खोजा है, जिसे इससे पहले कभी नहीं देखा गया। नए-नवेले वायरस ने वैज्ञानिकों को चकित कर रखा है। उन्होंने बताया कि यह बेहद रहस्यमय है। इसमें ऐसे जीन मिले जो पहले किसी अन्य वायरस में नहीं देखे गए। ब्राजील के फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ मिनास गेरैस से जुड़े शोधकर्ताओं ने बेलो होरिज़ोंटे शहर की कृत्रिम झील में एकल कोशिका वाले जीव अमीबा से इस वायरस को ढूंढा। चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए इस नए शोध को अंजाम दिया गया।

सवाल है कि क्या यह रहस्यमय वायरस इंसानों के लिए खतरनाक है? बायोरेक्सिव पत्रिका के ऑनलाइन डेटाबेस में 28 जनवरी को प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि यह वायरस करीब 80 नैनोमीटर व्यास का है। शोधकर्ताओं ने इसके जीनोम का विश्लेषण करने पर पाया कि इस सूक्ष्म जीव में कुल 74 जीन हैं जिनमें से केवल 6 ही पहले से ज्ञात हैं। यानी 90 प्रतिशत से ज्यादा जीन अज्ञात हैं। यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर जोनाटस अब्राहो के अनुसार, यारा-वायरस आकार और जीनोम दोनों में छोटा है, यह कोई बहुत विशाल वायरस नहीं। लेकिन यह विशालकाय विषाणुओं की तरह अमीबा को संक्रमित करने में सक्षम है, लेकिन मानव कोशिकाओं को संक्रमित नहीं करता। अब्राहो ने ‘लाइव साइंस’ से बातचीत में कहा कि फिलहाल ऐसा नहीं लगता कि यह इंसानों के लिए कोई खतरा पैदा कर सकता है। इस बारे में अनुसंधान जारी हैं।

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SOURCEChinimandi

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