नीति आयोग द्वारा E20 इथेनॉल के लिए वार्षिक मास्टर प्लान जारी

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नई दिल्ली: नीति आयोग ने सोमवार को देश में E20 इथेनॉल के क्रमिक रोलआउट के लिए वार्षिक योजना जारी की। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून, 2021 को ‘2025 तक भारत में इथेनॉल सम्मिश्रण’ के लिए रोडमैप पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग पहुंच के भीतर है। 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण के उत्पादन, आपूर्ति और क्रमिक रोलआउट के लिए केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और वाहन निर्माताओं की विशिष्ट जिम्मेदारियों का सुझाव दिया।

नीति आयोग ने कहा, 2025 तक 20 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण से देश को अत्यधिक लाभ मिल सकता है, जैसे प्रति वर्ष 30,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत, ऊर्जा सुरक्षा, कम कार्बन उत्सर्जन, बेहतर वायु गुणवत्ता, आत्मनिर्भरता, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न का उपयोग के साथ साथ किसानों की आय, रोजगार और निवेश के अधिक अवसर निर्माण होंगें। नीति आयोग के अनुसार, शुरुआत में, इथेनॉल उत्पादन क्षमता को मौजूदा 700 करोड़ लीटर से बढ़ाकर 1500 करोड़ लीटर किया जाएगा। इसके अलावा, अप्रैल 2022 तक E10 ईंधन का चरणबद्ध रोलआउट किया जाएगा। इसी तरह, अप्रैल 2023 से E20 का चरणबद्ध रोलआउट और अप्रैल 2025 तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। E20 मटेरियल कंप्लायंट और E10 इंजन ट्यूनेड वाहनों का रोलआउट अप्रैल 2023 से किया जाएगा। इसके बाद अप्रैल 2025 से E20-ट्यून इंजन वाहनों के उत्पादन की सुविधा होगी। इस संबंध में एक राष्ट्रव्यापी शैक्षिक अभियान भी चलाया जाएगा।

नीति आयोग ने कहा कि, सरकार इथेनॉल के उत्पादन के लिए मक्का जैसी पानी की बचत करने वाली फसलों के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी। गैर-खाद्य फीडस्टॉक से इथेनॉल के उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दिया जाएगा। अन्य सिफारिशों में एकल-खिड़की तंत्र के माध्यम से इथेनॉल डिस्टिलरी के लिए नियामक मंजूरी में तेजी लाना, पूरे देश में सुगम आवाजाही, मिश्रित ईंधन और पेट्रोल वाहनों के लिए कर प्रोत्साहन शामिल हैं।

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