पाकिस्तान : पंजाब सरकार ने चीनी कीमतों में बढ़ोतरी के लिए मिलों को दोषी ठहराया…

लाहौर: पंजाब सरकार ने चीनी मिल मालिकों पर यह आरोप लगाया कि, उन्होंने चीनी की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ायी है।प्रांतीय गन्ना आयुक्त ज़मान टैटू ने कहा, ज्यादातर चीनी मिलें जमाखोरी और कालाबाजारी में शामिल हैं। वे चीनी नहीं बेच रहे हैं और इस प्रकार कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ा रहे हैं।हालांकि, चीनी मिल मालिकों ने इस आरोपों से इंकार कर दिया।पाकिस्तान शुगर मिल्स एसोसिएशन (PSMA) के कार्यकारी सदस्य वहीद चौधरी ने कहा की, किसानों को दिए जानेवाले गन्ना मूल्य की जानकारी के लिए बाजार का सर्वेक्षण कराएं। देखें, अगर गन्ने की कीमत अधिक होती है, तो चीनी की लागत स्वाभाविक रूप से तदनुसार बढ़ेगी।किसानों ने कहा की, मिलों ने गन्ना मूल्य कम करने के लिए यह तरकीब निकाली है।बाजार में इस वक़्त चीनी का मूल्य बढने का कोई आधार नहीं है क्योंकि मिल मालिक वर्तमान में किसानों को गन्ने पर कम प्रीमियम दे रहे हैं।गन्ना आयुक्त कार्यालय ने मिलों को चीनी बिक्री का डेटा देने का निर्देश जारी किया है।बाजार के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि, पेराई सत्र के बीच में चीनी मिल की बढ़ती कीमतों का कोई वास्तविक आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि, न केवल गन्ने की कटाई संतोषजनक रूप से जारी है, बल्कि covid -19 के प्रकोप के कारण वाणिज्यिक और सामाजिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के कारण इस साल चीनी की मांग भी कम है।

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