भीमा पाटस मिल के चीनी गोदाम में लगी आग पर उठे सवाल

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पुणे : चीनी मंडी

भीमा पाटस सहकारी चीनी मिल के गोदाम को आग लगने के बाद बड़ी तादाद में चीनी को नुकसान हुआ था। अब इस आग पर संदेह के बादल मंडरा रहे है। पुणे जिला मध्यवर्ती बैंक के अध्यक्ष रमेश थोरात ने आरोप लगाया कि, यह आग लगने में कुछ तो गड़बड़ है। उन्होंनें पुलिस में शिकायत देकर, इस मामले की जड से छानबीन करने कि मांग की है। मिल पर पिछले दो सालों से जिला बैंक का 130 करोड़ से जादा कर्ज बकाया है, यह रकम वसूलने के लिए जिला बैंक द्वारा मिल की लगभग 1 लाख 16 हजार क्विंटल चीनी अपने कब्जे में ली थी।

थोरात ने संवाददाता सम्मेलन में कहा की, मिल पर पुणे जिला बैंक का करोड़ों रुपयों का बकाया था, यह बकाया चीनी की नीलामी करके वसूलना था। चीनी कि नीलामी के लिए 27 जनवरी और 13 फरवरी, 2020 की तारीख तय कि गई थी, और तभी गोदाम में अचानक आग कि वारदात हुई। हालांकि, आग लगने की कोई भी वजह सामने नही आई है। जिससे यह साफ़ होता है कि इसमे कुछ तो गड़बड़ है।

25 जनवरी 2020 को सुबह 8 बजे के आसपास मिल मजदूरों ने 6 नंबर के गोदाम से धुआं निकलता देखा। कुरकुम्भ इंडस्ट्रीयल इस्टेट की दमकल की गाड़ियों की मदद से आग को बुझाया गया। इस गोदाम में लगभग 69,386 क्विंटल चीनी जलने से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था।

भीमा पाटस सहकारी चीनी मिल गोदाम में आग यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.

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