राजस्थान में चीनी मिलों को सरकार देगी वित्तीय मदद

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3 जून, हनुमानगढ़: राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र की चीनी मिलों में निर्मित हो रही शराब के कारखानो का आधुनिकीकरण करेगी । हनुमानगढ़ प्रवास पर आए मंत्री ने कहा कि गंगानगर सुगर मिल में बनायी जा रही शराब की मशीनें काफ़ी पुरानी हो चुकी है और इनके बदलने कि ज़रूरत पहले से महसूस हो रही थी। मंत्री ने कहा कि मशीनें काफ़ी पुरानी है इससे उत्पादन क्षमता प्रभावित होने के साथ समय अधिक और शराब की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। मंत्री ने कहा कि इन मशीनों की तकनीक भी पुरानी है इसलिए अपग्रेड मशीनों लगाने का काम शीघ्र शुरु होगा।

मंत्री ने कहा कि गंगानगर के अलावा अजमेर,अटरु, प्रतापगढ़ और जोधपुर में भी गंगानगर सुगर मिल के सहयोग से शराब बनाने का काम किया जाता रहा है लेकिन कतिपय कारणों से कुछ जगह काम बाधित है इसलिए इन केन्द्रों की भी फिर से सर्वे कर वित्तीय मदद की अनुशंसा की जाएगी ताकि चीनी मिलों के साझा सहयोग से चल रहा शराब निर्माण का काम जारी रहे।

मंत्री ने कहा कि राजस्थान की गंगानगर सुगर मिल्स प्रदेश की सबसे पुरानी चीनी मिल है। 1968 से यहाँ चुकंदर से चीनी बनाने का काम शुरु हुआ था बाद में आबकारी नीति के कहत यहाँ शराब बनाने का काम शुरु हुआ। लेकिन पुरानी मशीनों के अलावा अन्य कारणों से यहाँ उत्पादन व गुणवत्ता पर असर पड़ने लगा तो सरकार ने इसकी सुध लेना शुरु किया। मंत्री ने उम्मीद ज़ताई कि जल्द ही मिल कारख़ाने में नवाचार आपको दिखाई देगा।

ग़ौरतलब है कि राजस्थान प्रदेश मे कुल कृषि योग्य भूमि के 10-15 फ़ीसदी भाग पर गन्ने की खेती की जाती है दो भारत के कुल गन्ना उत्पादन क्षेत्र का 1.11 फ़ीसदी है। ऐसे में गन्ना के सिमित एरिया के बावजूद यहाँ चीनी मिल और शराब बनाने से जुड़ा कारोबार काफ़ी अच्छा है जिससे कई लोगों की आजीविका जुड़ी है।

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