हरियाणा में सहकारी चीनी मिलों को राहत

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चंडीगढ़, 28 मई: हरियाणा सरकार ने चीनी मिलों को एक बड़ी राहत दी है। राज्य की चीनी मिलें आर्थिक तंगी से परेशान थी जिसके कारण वह गन्ना बकाया चुकाने में नाकाम रहे थे। राज्य सरकार ने मंगलवार को गन्ना किसानों का 2018-19 के पेराई सत्र के गन्ने का बकाया भुगतान करने के लिए सहकारी चीनी मिलों को 350 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

सहकारिता राज्य मंत्री श्री मनीष ग्रोवर ने यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि कुल 350 करोड़ रुपये में से 39 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल, पानीपत को, 39.50 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल, रोहतक को, 26.50 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल, करनाल को, 35.50 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल, सोनीपत को, 38 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल, शाहाबाद को, और 28 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल, जींद को दिया गया है।

इसी तरह, सहकारी चीनी मिल, पलवल को 30.50 करोड़ रुपये, सहकारी चीनी मिल, मेहम को 48 करोड़ रुपये, सहकारी चीनी मिल, कैथल को 36 करोड़ रुपये,और 29 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल, गोहाना को दिए गए, यह सुचना ग्रोवर ने दी।

पेराई सत्र 2018-19 के दौरान, उन्होंने कहा, 355.17 लाख क्विंटल गन्ना 1,206.22 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि अब तक, 1,098.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था और अगले आने वाले सप्ताह में बकाया भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि किसानों का हित राज्य सरकार की प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गन्ना किसान किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करे।

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