फिजी संसद में ‘चीनी उद्योग पुनर्जीवित’ मुद्दे पर घमासान..

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सुवा (फिजी) : संसद में चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने के बिल पर चर्चा करते समय एनएफपी दल के सांसद, पीओ टिकोडुआडुआ ने कहा कि, आंकड़े साबित करते हैं कि सैन्य सरकार और फिजीफर्स्ट सरकार दोनों ही चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने में बुरी तरह से विफल रही हैं, जबकि प्रधान मंत्री, वोरेके बैनीमारामा ने आरोप लगाया की, एनएफपी दुनिया को बताना चाहता है कि, चीनी उद्योग तब विफल हो रहा है जब वास्तव में एनएफपी विफल हो रहा है।

टिकोडुआडुआ का दावा है कि, चीनी उद्योग पिछले 12 वर्षों में यह चुनौतियों का सामना कर रहा है और कई प्राकृतिक आपदाओं और चार सैन्य तख्तापलटों से बच गया है। लेकिन, पिछले 13 वर्षों में गन्ना उत्पादकों की संख्या में 6,600 से अधिक की गिरावट आई है, गन्ने का उत्पादन 1.595 मिलियन टन और चीनी का उत्पादन 1, 49,976 टन घट गया है। बेनीमारामा ने कहा कि, वह चीनी उद्योग के लिए संसद में विचाराधीन इस प्रस्ताव के खिलाफ है, क्योंकि यह अनावश्यक है और पहले से ही अच्छी तरह से स्थापित किए गए कार्यों और प्रक्रियाओं की प्रतिलिपि करेगा। गन्ना उत्पादकों के साथ विचार-विमर्श के बाद कई नीतियां पहले ही विकसित की जा चुकी हैं और इससे 2016-2018 में चीनी उद्योग के लिए बजट में 26 मिलियन डॉलर से 60 मिलियन डॉलर तक उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सांसद, निको नवाइकुला ने संसद में कहा की, फिजीफर्स्ट सरकार की पहल काम नहीं कर रही है और यह दुखद है कि सरकार यह स्वीकार नहीं कर सकती है कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण संस्थान को मार दिया है।

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