संजीवनी चीनी मिल: किसान, ट्रक मालिकों द्वारा बकाया भुगतान की शिकायतें

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पोंडा: संजीवनी चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करने वाले किसानों ने मंगलवार को शिकायत की कि, उन्हें पिछले साल के पेराई सत्र में कर्नाटक स्थित चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया है। पिछले साल, गोवा सरकार ने कहा था कि, संजीवनी चीनी मिल की मशीनरी खराब हो गई है और वर्ष 2019-20 के लिए पेराई सत्र आयोजित करना संभव नहीं है और किसानों से अपने सभी गन्ने का उत्पादन खरीदने का वादा किया था। तदनुसार, किसानों ने कर्नाटक स्थित खानापुर चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति की थी। हालाँकि, उस वक़्त किसानों को आंशिक भुगतान किया गया और अभी भी भुगतान लंबित है।

हेराल्ड गोवा में प्रकाशित खबर के मुताबिक, किसान संघ के सदस्य हर्षद प्रभुदेसाई ने सवाल किया कि, गन्ना भुगतान के बिना किसान कैसे जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा, “उन्हें राज्य सरकार द्वारा कर्नाटक के मिल को गन्ने की आपूर्ति के लिए बिल भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी भी उनके बिल लंबित हैं। गोवा के किसानों ने कर्नाटक स्थित लैला चीनी मिल को हाल ही में खत्म हुए पेराई सत्र में 27,000 मीट्रिक टन से अधिक गन्ने की आपूर्ति की थी। हालांकि, मिल द्वारा शत प्रतिशत भुगतान नही किया गया है। इस बीच, गोवा के किसानों के गन्ने का परिवहन करने वाले लगभग 35 ट्रक मालिकों ने भी कहा है कि, उनके बिल अभी तक कर्नाटक स्थित चीनी मिल द्वारा नहीं चुकाए गए हैं। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर संजीवनी चीनी मिल के अधिकारियों से मुलाकात की। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें परिवहन ठेकेदार से संपर्क करने के लिए कहा।

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