दक्षिण अफ्रीका: देश में चल रहे हिंसा से चीनी उद्योग प्रभावित

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केप टाउन: पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को जेल में भेजने के बाद दक्षिण अफ्रीका में हिंसा भडकी है। मुख्य चीनी उत्पादक क्षेत्र क्वाज़ुलु-नटाल में सभी चीनी मिलें दंगाईयों द्वारा गन्ना ट्रकों के अपहरण और गन्ने के खेतों के जलाने के बाद बंद हो गई हैं। चीनी उद्योग प्रतिनिधि के अनुसार अब तक लगभग 300,000 टन गन्ना जला दिया गया है। दक्षिण अफ्रीकी किसान कई दिनों से अशांति और लूटपाट की चपेट में आ गए हैं। उत्पादों को ले जाने वाले ट्रकों को बाजारों तक पहुंचाने से रोका जा रहा है, जिससे खाद्य आपूर्ति में खतरा बना हुआ है।

पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को पिछले सप्ताह जेल में डाले जाने के बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस के साथ संघर्ष शुरू किया है। शॉपिंग मॉल में तोड़फोड़ की जा रही है। इस दंगों में अब तक दर्जनों लोगों की मौत हो गई है। देश के कुछ प्रमुख राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं। देश के मुख्य कृषि निकाय एग्रीसा के कार्यकारी निदेशक क्रिस्टो वैन डेर रीडे ने कहा, किसानों को पहले से ही बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि वे अपने उत्पादों को स्थानीय बाजारों और दुकानों तक नहीं पहुंचा सकते हैं। एग्रीसा के किसानों में से एक ने पहले ही खराब होने वाली उपज के 30 लाख रुपये के नुकसान की सूचना दी है।

दक्षिण अफ्रीका के केनग्रोवर्स के मुख्य कार्यकारी थॉमस फन्के ने कहा कि, अब तक लगभग 300 000 टन गन्ना जला दिया गया है। चीनी उत्पादक तोंगाट हुलेट ने कहा कि उसकी मिलें और रिफाइनरी भी बंद हैं। साइट्रस ग्रोअर्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी जस्टिन चाडविक ने कहा कि साइट्रस का निर्यात भी रोक दिया गया है, ट्रक डरबन बंदरगाह के लिए मुख्य सड़कों का उपयोग करने में असमर्थ हैं, जहां आधे से अधिक साइट्रस निर्यात किया जाता है। स्पेन के बाद दक्षिण अफ्रीका ताजा साइट्रस का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है।

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