ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई पिछले साल से 21.5 फीसदी बढ़ी

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नई दिल्ली : कृषि और किसान मंत्रालय ने बताया की, देश में ग्रीष्मकालीन / गर्मियों की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 21.5 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल के 60.67 लाख हेक्टेयर (हेक्टेयर) से बढ़कर इस साल ग्रीष्मकालीन फसल 73.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि, राज्यों और केंद्र सरकार की योजनायें, ठोस प्रयासों के परिणामस्वरूप, और साथ ही किसानों की कड़ी मेहनत के कारण ग्रीष्मकालीन फसलों के क्षेत्र में लगातार दूसरे साल बढ़ोतरी हुई है। ग्रीष्मकालीन बुवाई मई के पहले सप्ताह तक पूरी होने की संभावना है। ग्रीष्मकालीन फसलें न केवल अतिरिक्त आय प्रदान करती हैं बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा करती हैं।

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दालों के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। दालों के तहत बोया गया क्षेत्र 6.45 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 12.75 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो लगभग 100 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। बढ़ा हुआ क्षेत्र मुख्य रूप से तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि राज्यों से है। इसके अलावा, तिलहन 9.03 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 10.45 लाख हेक्टेयर हो गया, जिसमे लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि, चावल 33.82 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 39.10 लाख हेक्टेयर हो गया है। मंत्रालय ने ग्रीष्मकालीन फसलों जैसे दालों, मोटे अनाज, पोषक तत्वों-अनाज और तिलहन की वैज्ञानिक खेती के लिए नई पहल की है।

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