पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के नेतृत्व में चीनी उद्योग जानकारों ने की यूरोप की यात्रा

मुंबई : चीनी मंडी 
 
यूरोप समेत पश्चिमी देशों में गन्ना फसल और चीनी उद्योग में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, नये-नये अनुसंधान किये जा रहे है। इसी बदलते तकनीक, अनुसंधान का इस्तेमाल करके महाराष्ट्र के किसान, चीनी उद्योग और ग्रामीण इलाकों को कैसे फायदा पहुंचा सकते है, इसका अभ्यास करने के लिए पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र के सहकारी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, मिल मालिकों के प्रतिनिधित्व मंडल ने हाल ही में यूरोप का दौरा किया।
इस यात्रा में चीनी उद्योग में वैश्विक स्तरों पर चल रहें अनुसंधान, चीनी उत्पादन के लिए  गन्ना, बिट समेत क्या अन्य विकल्प हो सकते है, खराब भूमि पुनर्नवीनीकरण और ग्रामीण इलाकों में चीनी उद्योग और खेती से जुड़े क्षेत्र में कैसे जादा से जादा रोजगार के अवसर पैदा किये जा सकते है, इसका अभ्यास किया गया ।
आठ दिनों में बेल्जियम, फ्रांस, स्पेन और नीदरलैंड चार देशों केअनुसंधान केन्द्र, संगठनों और संघों, निजी कंपनियां और सहकारी समितियां, बीज और कृषि आधारित उद्योग अनुसंधान संस्थान के कामकाज का पवार के नेतृत्व में  प्रतिनिधित्व मंडल ने जायजा लिया। प्रत्येक देश की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति की जानकारी पवार ने दे दी। इस दौरे में जयंत पाटिल, शिवाजीराव देशमुख, राजेश टोपे, जयप्रकाश दांडेगावकर, गणपतराव तिडके, नरेंद्र मुर्कंबी, युगेन्द्र पवार, सतीश राउत, डॉ. घोडगे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति प्रतिनिधित्व मंडल में शामिल थे।

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