चीनी उद्योग को अब “ऊर्जा क्षेत्र” के रूप में जाना जाना चाहिए: अतुल चतुर्वेदी

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नई दिल्‍ली : भारत के सबसे बड़े चीनी निर्माताओं और रिफाइनर में से एक, श्री रेणुका शुगर्स लिमिटेड कंपनी वर्तमान के अपने प्रति दिन 720,000 लिटर्स इथेनॉल उत्पादन क्षमता को बढाकर 970,000 लीटर तक करने जा रही है। भारत की बढ़ती जैव ईंधन मांग को पूरा करने में मदद करने के लिए कंपनी द्वारा 28 मिलियन डॉलर निवेश किया गया है, और अक्टूबर 2022 तक प्रति दिन 250,000 लिटर इथेनॉल उत्पादन क्षमता हासिल होगी।

श्री रेणुका शुगर्स लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि, हमें लगता है कि चीनी क्षेत्र को अब ऊर्जा क्षेत्र की संज्ञा दी जानी चाहिए। जैव ईंधन उत्पादन पर केंद्र सरकार कि कारगर नितीयों के अनुरूप हम अपनी इथेनॉल क्षमता का विस्तार कर रहे हैं। इथेनॉल के विस्तार से न केवल कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने में मदद होगी, बल्कि हमारे राष्ट्र कि आयात निर्भरता भी काफी कम हो जाएगी।

श्री रेणुका शुगर्स कि कुल सात चीनी मिलें और तीन डिस्टिलरी परियोजनाएं है, जिसमें से 5 कर्नाटक राज्य में और दो महाराष्ट्र में हैं। कंपनी चीनी, इथेनॉल, कोजनरेशन, व्यापार और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में मौजूद है। श्री रेणुका शुगर्स द्वारा स्थापित मधुर पैकेज्ड शुगर ब्रांड ने भी मार्केट में अच्छी पकड बनाई है।

भारत ने पेट्रोल के साथ 20% इथेनॉल-सम्मिश्रण प्राप्त करने के लक्ष्य को 2025 तक पूरा करने का प्लान बनाया है,ताकि तेल आयात पर अपनी निर्भरता कम हो जाए। तेल आयात पर निर्भरता को कम करने के साथ साथ, अतिरिक्त चीनी स्टॉक की समस्या का समाधान और चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने मिलों से इथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है।

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