चीनी मिल बना चुनावी मुद्दा

 

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भदोही,12 अप्रैल, भदोही बूलबूटेदार खूबसूरत कालीनों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां की अर्थव्यवस्था कालीन और कृषि पर आधारित है। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 12 मई को यहां मतदान होगा लेकिन यहां सियासी फिजां में जनहित से जुड़े मुद्दे गुम हो गए हैं। यहां गंगा नदी पर सेतु, औरोई चीनी मिल, गंगा कटान, केएनपीजी को विश्वविद्यालय का दर्जा, सांस्कृतिक संकुल, तकनीकी शिक्षा संस्थान, कालीन उद्योग के साथ ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। गंगा कटान और सेतु निर्माण का मसला खासदक्षिणांचल के कोनिया में गंगा कटान का मसला सबसे प्रमुख रहा है लेकिन इस पर किसी भी दल ने ध्यान नहीं दिया।

पत्रकार संजय मिश्र कहते हैं बंद पड़ी चीनी मिल, अनाथ हुए कर्मचारी, औराई में स्थापित पूर्वांचल की इकलौती ‘दी काशी सहकारी चीनी मिल’ कभी चुनावी मुद्दा नहीं बनी लेकिन इस बार किसानों ने इसे मुद्दा बना दिया जिससे सालों से लम्बित पडे इस मुद्दे को दबाये बैठे नेताओं के पशीने छूट रहे है। इसकी वजह है इसमें काम करने वाले कर्मचारी वो कर्मचारी जो आज बेरोजगार हैं। औराई के पत्रकार हेमंत सिंह बताते हैं कि चीनी मिल की करोड़ों की मशीनरी जंग की भेंट चढ़ गई और सरकारों ने ध्यान नहीं दिया।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कालीन मार्ट में कहा था कि यहां बायो संयत्र लगाया जाएगा, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने यह भी कहा था कि पहले गन्ना पैदा करिए फिर चीनी मिल की बात कीजिए। आज मिल से जुड़े सैकड़ों कर्मचारी बेरोजगार पड़े हैं।

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