नेपाल में श्रीराम चीनी मिल बंद होने से गन्ना किसान परेशान

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काठमांडु: रौतहट के गरुड़ा इलाक़े में स्थित श्रीराम चीनी मिल बंद होने से गन्ना किसान परेशान हैं। मिल में अब तक गन्ना पेराई चालू नहीं हुई जिससे लोगों को लगता है कि प्रबंधन इसे बंद कर देना चाहता है, जबकि मिल ने किसानों के पिछले साल का बकाया भी अब तक नहीं चुकाया है।

बता दें कि इस चीनी मिल का उद्घाटन वर्ष 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला ने किया था और पिछले 27 वर्षों से यह चालू थी। हर साल सितंबर या अक्टूबर में मरम्मत का काम किया जाता था। लेकिन आरोप है कि इस बार प्रबंधन ने मिल में मरम्मत का काम नहीं कराया, जिसके कारण पेराई शुरू नहीं हो पाई। लोगों का सवाल है कि मिल चालू नहीं हुई तो यहां के हजारों हेक्टेयर ज़मीन में उपजने वाले गन्ने का क्या होगा।

खबरों के मुताबिक, यह चीनी मिल 2003 तक लाभ में चल रही थी लेकिन पिछले 16 वर्षों से इसे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रबंधन मिल को नुकसान में चलाना नहीं चाहता, इसलिए इसे बंद किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मिल बंद होने से करीब 400 कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे, जबकि मिल ने पिछले साल का करीब 40 करोड़ रुपये का बकाया भी गन्ना किसानों को नहीं चुकाया है। गन्ना किसानों ने बताया कि मिल ने कोई नोटिस भी जारी नहीं किया, जिससे वे दुविधा में हैं।

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