चीनी मिल के कामगारों को जनप्रतिनिधि और समाज सेवियों ने वितरित किए मास्क, सैनेटाइजर और खाद्य सामग्री

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श्रीगंगानगर, 25 मार्च: देश और दुनिया में अपने आतंक से खोप का माहौल पैदा कर चुके कोरोना वायरस (कोविड 19) के प्रकोप से भारत में कृषि और उससे जुड़े उद्योग भी अछूते नहीं रहे। कृषि से आधारित उद्यमों में काम करने वाले कामगारों की मदद के लिए देशभर में अलग अलग जगह समाज के लोग अपने अपने तरीके से मदद करने के लिए आगे आ रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेदी ने देश के सभी जन प्रतिनिधियों से जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करने की अपील की है। इसी क्रम में राजस्थान के गंगानगर से पूर्व सांसद भरतराम मेघवाल ने भी अपने संसदीय क्षेत्र में स्थित एक चीनी मिल में काम करने वाले मदजूरों और गन्ने की खेतों में मजदूरी करने वाले कामगारों की मदद के लिए आगे आए है।

सांसद ने अपने प्रतिनिधि सुरेश को भेजकर घर बैठे चीनी मिल के कामगारों और गन्ना दिहाडी मजदरों से बात की और लॉकडाउन की गंभीरता के बारे में समझाते हुए कहा कि मुसीबत की स्थिति में हम आपके साथ है। पूर्व सांसद के प्रतिनिधि ने श्रमिकों को मास्क वितरित किए और सैनेटाइजर की बोतलें वितरित की। मीडिया से बात करते हुए प्रतिनिधि सुरेश ने कहा कि जरूरतमंद की मदद करना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व सांसद जी ने ये पहल शुरु की है। पूर्व सांसद द्वारा 50 लोगों के लिए खाद्य औऱ रसद के थैले भी वितरित किए गए जिनमें आटा, दाल, चावल, तेल और अन्य सामग्री रखी गयी।

पूर्व सांसद की पहल से प्रेरित होकर स्थानीय सामाजसेवियो ने भी चीनी मिल में काम करने वाले मजदूरों को जरूरत के अनुसार फल सब्ज़ियों की आपूर्ति की। तकरीबन 50 अन्य गरीबों को फल सब्ज़ियाँ वितरित की गयी। स्थानीय समाज सेवी सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि कोराना वायरस के प्रकोप के कारण यहां चीनी मिल और गन्ने के खेतों में काम करने वाले लोगों के अलावा भी यहां काफी सारे गरीब और बीपीएल मजदूर रहते है। और इस समय सभी बेरोज़गार है। मजदूरी के अलावा कमाई का कोई जरिया नही है। अगर इनकों हम कुछ नहीं देंगे तो अन्याय होगा इसलिए हमने इन गरीबों को फल सब्ज़ियाँ देने का मन बनाया।

सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि अभी ये लॉकडाउन लम्बा चलेगा इसलिए अगर आगे भी जरूरत पडी तो हम इन लोगों की मदद के लिए आगे आएंगे। गौरतलब है कि कोराना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशहित में 24 मार्च की रात्रि 12 बजे से सम्पूर्ण देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है ऐसे में दो वक्त की रोटी के लिए चीनी मिलों और गन्ने के खेतों में काम कर अपना पेट पालने वाले कामगारों और मजदूरों के लिए जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों द्वारा मास्क व सैनेटाइजन वितरण की पहल न केवल उन्हे कोरोना के प्रकोप से बचाने में मदद करेगी बल्कि खाद्य एवं रसद आपूर्ति आर्थिक तंगी के वक्त उनके लिए बड़ा वित्तीय सहारा भी बनेगी।

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