“गन्ना बकाया भुगतान को लेकर बना हुआ है चीनी मिलों पर दबाव”

 

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उत्तर प्रदेश: लोकसभा चुनाव कगार पर है और गन्ना बकाया भुगतान बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुआ है. गन्ना किसान भुगतान न मिलने पर आक्रोश में है.

राजनैतिक पार्टियों के लिए भी बड़ी मुश्किल बानी हुई है की वह गन्ना किसान और साथ ही साथ चीनी मिलों को कैसे खुश रखे.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा, ”दुनिया भर में मिलों के लिए सस्ती चीनी सिरदर्द है तो वहीं उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने गन्ने से खांडसारी बनाने के उद्योग को फिर से जीवित कर दिया है.”

उन्होंने कहा, ”यही वजह है कि प्रदेश के 40 लाख गन्ना किसानों के भुगतान के लिए मिलों पर लगतार दबाव बना हुआ है और बाजार में गुड़ की अच्छी कीमत मिल रही है.”

शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों के जीवन को खुशहाल बनाने की दीर्घकालिक योजना पर काम किया है। उन्होंने कहा की गन्ने से सिर्फ चीनी और अल्कोहल ही नहीं बल्कि एथनॉल भी बने, जिसे पेट्रोल में मिला कर अर्थव्यवस्था को गति दी जाए.

सपा—बसपा पर हमला करते हुए शुक्ला ने कहा कि ”जिन्होंने चोरी-चोरी मिलें बेचीं और लूट की रकम में बंदर-बांट किया था, आज वे एक साथ हैं.”

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