चीनी मिलों को आर्थिक तरक्की के लिए चीनी बनाने के अलावा आय के अन्य श्रोत तलाशने की अपील

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लखनऊ,19 जलाई: केन्द्र सरकार ने गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता की श्रेणी में रख किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्यों को दिशा निर्देश जारी किए है। इसी क्रम में गन्ना किसानों को सिमित पानी, और सिमित ऊर्वरकों के उपयोग के बीच कम ख़र्चे में अधिक उत्पादन लेने की तकनीक अपनाने के निर्देश दिए है, वहीं गन्ना विभाग को चीनी मिलों को भुगतान करने के भी आदेश दिए है।

केन्द्र सरकार के दिशा निर्देशों की पालना में सूबे का गन्ना मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में प्रदेश के गन्ना मंत्री शुरेश राणा ने जिला गन्ना अधिकारियों के साथ लखनऊ में बैठक की। बैठक के दौरान गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी से मंत्री ने गन्ना मूल्य बकाया के बारे जानकारी ली और किसानों का बाक़ाया तत्काल दिलाने के निर्देश दिए। गन्ना मंत्री राणा ने कहा कि किसान ख़ुशहाल रहेंगे तो चीनी मिलें चल पाएँगी। इसलिए कोशिश ये होनी चाहिये कि मिलें सर्वे कर किसानों के बकाया चुकाने की नीति अपनाएँ। मंत्री ने गन्ना एवं चीनी आयुक्त को चीनी मिलों के पेराई सत्र 2018-19 के अवशेष गन्ना मूल्य का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चीनी मिलें आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ वैकल्पिक वित्तीय समावेशन के लिए चीनी बनाने के अलावा आय के अन्य श्रोत भी तलाशे।

मीडिया से बात करते हुए गन्ना आयुक्त ने कहा कि पेराई सत्र में अब तक कुल देय गन्ना मूल्य का 70 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। बाक़ी जो गन्ना मूल्य रह गया है उसका भुगतान भी जल्द ही होगा। जो चीनी मिल बकाया चुकाने में कोताही बरतेगी उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा के तहत 3/7 में प्राथमिकी दर्ज भी की जा सकेगी।

बैठक मे मौजूद यूपी कॉपरेटिव सुगर फैक्टरीज फैडरेशन के प्रबंध निदेशक विमल कुमार दुबे ने कहा कि जिन चीनी मिलों की मशीनें ठीक नहीं है उनको स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए है ताकि अगले सत्र के लिए कार्य क्षमता में तेज़ी लायी जा सके।

चीनी मिलों द्वारा सरकार की सक्रियता पर चीनी मिल संघ से जुड़े राजवीर सिंह ने कहा कि चीनी मिलें समय पर किसानों का बकाया देने के लिेए हमेशा कार्यनीति बनाती है लेकिन परिस्थितिवश दिक्कत भी आती जिससे चुकता पूरा नहीं हो पाता। कई बार परता महँगा पड़ता है तो अन्य मद में पैसा ख़र्च हो जाता है इसलिए भी बकाया देने में परेशानी होती है। लेकिन जल्द सब ठीक हो जाएगा। शासन के निर्देशों का हम पूरा पालन करेंगे।

बुलंदशहर के गन्ना किसान जगवीर सिंह ने कहा कि सरकार की सोच किसानों के हित से जुड़ी है इसलिये गन्ना बकाया को लेकर तत्परता से बैठक हो रही है और मिलों को चेताया जा रहा है। समय पर हमारा बकाया मिल जाएगा तो आगे की फ़सल के लिए समय पर बुआई और अन्य कार्य समय पर होंगे।

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