पानी की कमी से चीनी मिलें संकट में

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चेन्नई: चीनी मंडी

तमिलनाडु में चीनी मिलों को सूखे के कारण गन्ने की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी ने राज्य की ईडी पैरी इंडिया लिमिटेड के दो मिलों को प्रभावित कर दिया है और गन्ना न मिलने के कारण पुडुचेरी में एक मिल को बंद कर दिया है। ईआईडी पैरी अकेले दक्षिणी मिलों के बीच परेशानी का सामना नहीं कर रही है, अन्य कई सारी मिलें भी गन्ने की कमी का सामना कर रही है। थिरु एरोरन शुगर्स लिमिटेड कंपनी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि, कंपनी को तमिलनाडु में अपने मिलों में गन्ने की अनुपलब्धता के कारण उत्पादन में भारी कमी करनी पड़ी है। साक्षी शुगर्स लिमिटेड, एक अन्य प्रमुख निर्माता जो पिछले दो वित्तीय वर्षों से घाटे में चल रही है और कंपनी कुछ गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया में है।

तमिलनाडु में 2018 में 15 वर्षों में सबसे कम बारिश हुई, जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई, हुंदाई मोटर कंपनी और फोर्ड मोटर कंपनी को पिछले महीने तीन दशकों में पहली बार पानी की कमी का सामना करना पड़ा। इस साल भी चीजें बेहतर होने की उम्मीद नहीं है। मौसम के जानकार स्काईमेट ने कहा है कि, भारत में मानसून का प्रदर्शन कमज़ोर रहा है और पूरा देश बड़े पैमाने पर बारिश की कमी से घिर रहा है। देश के मौसम कार्यालय के अनुसार, तमिलनाडु में जून के महीने में बारिश सामान्य से 38 प्रतिशत कम थी।

द साउथ इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (तमिलनाडु) के अध्यक्ष पलानी जी. पेरियासामी ने कहा, स्थिति फिर से वैसी ही बनी हुई है और मानसून की विफलता गंभीर स्थिती पैदा कर सकती है। हम तमिलनाडु में पेराई के लिए केवल 30 प्रतिशत क्षमता का उपयोग करने जा रहे हैं और निश्चित रूप से मिलें आर्थिक मुद्दे पर मजबूत स्थिती रहने की स्थिति में नहीं होंगे और कुछ मिलें भी बंद हो सकती हैं। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के अनुसार, 2019 में बारिश की कमी के कारण तमिलनाडु में गन्ने का रकबा 2019-20 में 230,000 हेक्टेयर होने का अनुमान है, जो एक साल पहले की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत कम है।

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