श्रमिकों के कमी के कारण चीनी मिलों का केन हार्वेस्टर की तरफ रुख़

1810

Covid -19 के चलते गन्ना कटाई मजदूरों की संभावित कमी पेराई को प्रभावित कर सकती है, जिसके चलते भारत भर में बड़ी संख्या में चीनी मिलें अगले मौसम में गन्ने की कटाई के लिए केन हार्वेस्टर का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। इस साल मशीनी कटाई को बढ़ावा मिलेगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में मिलों ने हार्वेस्टर के लिए पहले ही ऑर्डर दे दिए हैं और कर्नाटक और गुजरात में भी इसी तरह की प्रवृत्ति देखी गई है, जहां मिलें गन्ना कटर पर निर्भर हैं। गन्ने की मशीनी कटाई की आवश्यकता पर पिछले 10 वर्षों से चर्चा की जा रही है और यह समय की आवश्यकता है।

उत्तर भारत में, किसान गन्ना काटते हैं और मिलें इसे गन्ना केंद्रों से इकट्ठा करती हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक मिलों में गन्ना काटने वालों की टीमें गन्ना काटने के लिए भेजती हैं। मिल और गन्ना कटर के साथ अनुबंध करने वाले ठेकेदारों को मजदूर मिलना मुश्किल हो रहा है क्योंकि कई लोग covid -19 के डर से अपने गांवों को छोड़ना नहीं चाहते हैं।

अधिकांश मिलों के सामने 2020-2021 पेराई सत्र में कोरोना महामारी प्रकोप के साथ साथ गन्ना कटाई मजदूरों की कमी की चुनौती होगी।

सूखे स्थिति और चीनी की गिरती कीमतों के कारण मिलें पहले से ही कठिनाईयों का सामना कर रही है, और अब कोरोना वायरस महामारी के रूप में मिलों को नए संकट का सामना करना पड़ रहा है।

चीनी मिलों का केन हार्वेस्टर की तरफ रुख़ यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here