चीनी मिलें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रडार पर

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गोंडा: जल और वायू प्रदूषण की समस्या दिनोंदिन गंभीर हो रही हैै। प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ पर पड रहा है, लेकिन फिर भी प्रदुषण कम होने का नाम नही ले रहा है। प्रदूषण से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब सख्त कदम उठाए है, इसके तहत देवीपाटन मंडल की 10 चीनी मिलें बोर्ड के रडार पर आ गई हैं। बोर्ड ने टीम गठित कर प्रदूषण को नियंत्रित न करने वाली चीनी मिलों की जांच कर उन पर जुर्माना लगाकर उसकी वसूली करने का आदेश दिया है। प्रदूषण बोर्ड के इस एक्शन पर गन्‍ना विभाग ने सहयोग करने का फैसला लिया है, ताकि प्रदूषण को रोका जाए।

वायुमंडल में प्रदूषण से लोगों का दम घुट रहा है, और ऐसा आरोप लगाया गया है की इसके लिए कुछ हद तक चीनी मिलें जिम्मेदार है, जो वायु प्रदूषण बढ़ा रही हैं। इसके चलते प्रदूषण को बढावा देने वाली चिनी मिलों की नकेल कसने का पुरा बंदोबस्त किया गया हैै। बोर्ड द्वारा सभी चीनी मिलों को नोटिस जारी किया है, और अगर मिलों द्वारा प्रदूषण पर रोक लगाने की पुख्ता व्यवस्था नही होती है, तो फिर उन मिलों पर सख्त कार्यवाही होने की संभावना है। चीनी मिलों से निकलने वाले धुएं व गर्द गुबार से प्रदूषण बढ़ने का दावा बोर्ड द्वारा किया गया है। अधिकतर चीनी मिलों में प्रदूषण रोकने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं लगाए है, और जहां लगाए है, वह क्रियाशील नहीं है। बोर्ड ने चीनी मिलों की जांच कर जुर्माने की कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर जुर्माने की वसूली के आदेश दिए है।

देवीपाटन मंडल की इन चीनी मिलें : चीनी मिल जनपद (बलरामपुर), इर्टईमैदा (बलरामपुर),परसेण्डी (बहराइच), जरवलरोड (बहराइच), नानपारा (बहाइच), तुलसीपुर ( बलरामपुर), कुन्दुरखी (गोंडा), दतौली (गोंडा), मैजापुर (गोंडा), चिलवरिया (बहराइच).

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