एकमुश्त एफआरपी पर चीनी मिलों की चुप्पी…

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सातारा: चीनी मंडी

सातारा जिले के अधिकांश चीनी मिलों का गन्ना पेराई सीझन अंतिम चरण में आ गया है। जादातर मिलों ने पहले ही किसानों को 80 से 85 प्रतिशत एफआरपी देने की घोषणा की है। चीनी कि न्यूनतम बिक्री मूल्य में वृद्धि के बावजूद किसी भी मिल ने एफआरपी की सारी रकम नहीं दी है, जिससे किसान काफी परेशान और खफ़ा हैं।

गन्ना सत्र शुरू होने पर, किसान संघठन और चीनी मिलों के प्रतिनिधि के बीच बैठक में एकमुश्त एफआरपी चुकाने पर सहमती हुई थी। हालांकि, चीनी की कीमतों में गिरावट के कारण, मिलें एकमुश्त एफआरपी चुकाने में नाकाम रहे हैं, जिसके कारण जिले की लगभग सभी मिलों ने कुल एफआरपी का 80 से 85 प्रतिशत तक की रकम का भुगतान किया है।

इसके बाद केंद्र सरकार से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल से 3100 रुपये प्रति क्विंटल किया। इस बीच, स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने चीनी आयुक्त कार्यालय से एकमुश्त एफआरपी नही देनेवाली मिलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। इससे किसानों को शेष एफआरपी प्राप्त करने में मदद मिली। कोल्हापुर जिले की दो चीनी मिलों ने एकमुश्त एफआरपी दी है, जबकि अन्य मिलों ने इस बारे में चुप्पी साध रखी है। इसने किसानों को काफी निराश किया है।

सातारा जिले में 78 मिलियन टन पेराई
सातारा जिले में १४ चीनी मिलों ने 78 लाख 80 हजार 813 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की है। इसमें से ९३ लाख ३४ हजार ३२५ क्विंटल चीनी बनाई गई है। चूंकि पेराई का अंतिम चरण है, जिसमे चीनी स्तर में वृद्धि में सुधार हुआ है, और वर्तमान औसत 11.84% है।

SOURCEChiniMandi

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