सरकार चाहती है कि चीनी मिलें गन्ने से केवल चीनी बनाने तक ही सीमित न रहे : राधा मोहन सिंह

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नई दिल्ली, 27 मई: पिछली सरकार में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रह चुके राधा मोहन सिंह ने कहा है कि सरकार गन्ना किसानों की आमदनी को दो गुना करने के लिए प्रतिबद्द है। इसके लिए गन्ना से चीनी बनाने के अलावा गन्ना के बाई प्रोडक्टस का अन्य तरीकों से कैसे उपयोग किया जाए इसके लिए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है।

कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह लोक सभा चुनाव परिणामों के बाद पहली बार राजधानी दिल्ली पहुंचे तो अपने आवास पर मीडिया से अनौपचारिक तौर पर रूबरू हुए। इस दौरान मीडिया से बात करते हए कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने गन्ने से इथेनॉल बनाने के लिए नीति को मंजूरी दी है इससे किसानों को फायदा होगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि आज बाजार में जितनी चीनी की मांग है उतनी ही इथेनॉल की भी मांग देखने को मिल रही है है। इसलिए सरकार ने बी श्रेणी के शीरा से एथनॉल बनाने के लिए विशेष प्रौत्साहन कार्यक्रम शुरु किया है। इसका फायदा किसानों के साथ चीनी मिलों को भी होगा। क्योंकि चीनी अधिशेष वाले वर्ष में मिलें गन्ना से इथेनॉल बनाकर बेच सकेंगी।

कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि क्यूबा, ब्राजील, मैक्सिको, थाइलैंड और फिनलैंड जैसे देशों में शीरा के साथ साथ खोई से तैयार इथेनॉल से एक ओर जहां बायोफ्यूल बनाया जाता है वहीं स्प्रिट, मेडिकल उत्पाद, एल्कोहल और बिजली बनाकर भी अन्य माध्यमों से आमदनी ली जा रही है। इससे किसानों और इंडस्ट्री दोनों को फायदा हो रहा है।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि चीनी मिलें गन्ने से केवल चीनी बनाने तक ही सीमित न रहे बल्कि गन्ने से चीनीबनाने के दायरे से बाहर जाकर अन्य विकल्पों पर भी काम करे ताकि गन्ने के साथ साथ उसके बाई प्रोडक्ट्स का भी पूरा आर्थिक उपयोग हो और किसान व मिल दोनों को लाभ हो। कृषि मंत्री ने कहा कि गन्ने से अन्य उत्पाद तैयार करने के लिए कोई किसान या उद्यमी आगे आता है तो सरकार उसकी पूरी मदद करेगी।

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