चीनी की कीमत घरेलू मांग और निर्यात घटने से 5.5% तक फिसली…

नई दिल्ली : चीनी मंडी 
घरेलू मांग और निर्यात घटने से मिल गेट्स पर चीनी की कीमतों में पिछले एक महीने में 5.5 फीसदी की गिरावट हुई है। सरकार द्वारा कुछ ग्रेड चीनी की  बुधवार को 29 रुपये प्रति किलो की न्यूनतम बिक्री कीमत तय की गई है। इस सप्ताह महाराष्ट्र में एस -30 ग्रेड चीनी की कीमत 29 रुपये प्रति किलो हो गई है, क्योंकि चीनी की मांग कमजोर है। त्योहार के मौसम की मांग के चलते दीवाली से पहले कीमतें कुछ बढ़ी थी।
आईसक्रीम और ठंडे पेय की बिक्री में कमी से चीनी खपत में गिरावट…
दिल्ली बाजार में एनसीडीईएक्स स्पॉट चीनी बुधवार को एक महीने में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 31.15 रुपये प्रति किलो हो गई। कोल्हापुर (महाराष्ट्र ) में स्पॉट मूल्य 29 अक्टूबर को 30.72 रुपये की तुलना में 5.5 फीसदी की गिरावट के साथ 29 रुपया हो गया है। व्यापारियों ने कहा कि, मांग में कमी आई है क्योंकि सबसे ज्यादा चीनी उपभोग करने वाले सेगमेंट आईसक्रीम और ठंडे पेय की बिक्री में कमी आई है। कीमतों में नीचे की प्रवृत्ति का एक और अन्य कारण निर्यात की धीमी गति भी है।
कच्चे चीनी उत्पादन पर ध्यान देने की जरूरत…
चीनी मिलों को निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कच्चे चीनी उत्पादन पर ध्यान देना होगा, क्योंकी  2018-19 में भारत का 50 लाख टन चीनी निर्यात करने का लक्ष्य है, लेकिन विशेष रूप से सफेद चीनी के शिपमेंट धीमे हुए है। भारत 2018-19 में अधिशेष चीनी उत्पादन की संभावना है, हालांकि भारतीय चीनी मिल्स एसोसिएशन ने अपने उत्पादन अनुमान को 11.26 फीसदी घटाकर 315 लाख टन कर दिया है। देश की वार्षिक चीनी खपत 255-260 लाख टन है। 2017-18 में इसका उत्पादन 322.5 लाख टन था।
चीन,  थाईलैंड और मलेशिया को चीनी निर्यात के प्रयास…
चीनी मिलें विभिन्न कारणों से निर्यात सौदों पर हस्ताक्षर करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं, उसमे  बैंकों के पास गिरवी चीनी और चीनी कीमतों में गिरावट की संभावना यह प्रमुख कारण बताये जा रहे है। चीनी उद्योग चीन, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों के साथ चीनी निर्यात सौदों की प्रतीक्षा कर रहा है। भारतीय चीनी उद्योग के सूत्रों ने कहा कि, चीन का प्रतिनिधिमंडल चीनी निर्यात के सिलसिलें में अगले महीने  भारत यात्रा पर आनेवाले है।

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