“गन्ना किसानों को नकदी के बजाय 20 प्रतिशत चीनी दी जानी चाहिए”

1037

 

सिर्फ पढ़ो मत अब सुनो भी! खबरों का सिलसिला अब हुआ आसान, अब पढ़ना और न्यूज़ सुनना साथ साथ. यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये

चीनी आयुक्त शेखर गायकवाड़ ने सोमवार को कहा कि,  मिलों को एकमुश्त एफआरपी देना अनिवार्य है, अगर वो एकमुश्त एफआरपी नही दे पते है , तो  किसानों को 20 प्रतिशत चीनी दी जानी चाहिए।

कोल्हापुर / पुणे : चीनी मंडी

चीनी आयुक्त शेखर गायकवाड़ ने सोमवार को कहा कि, मिलों द्वारा किसानों को एकमुश्त एफआरपी देना अनिवार्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि, यदि मिलों द्वारा नकदी नहीं दी गई, तो किसानों को 20 प्रतिशत चीनी दी जानी चाहिए। तदनुसार, कोल्हापुर जिले के किसानों से आवेदन मांग कर चीनी का आवंटन किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने चीनी का 2900 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम बिक्री मूल्य तय किया है और देश से 50 लाख टन चीनी निर्यात करने के लिए जोड़ा गया है; लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की दर 1900 रूपये के आसपास है। इसके अलावा, 800 रुपये के विभिन्न सब्सिडी रूप में मिलते हैं। यानी मिलों को 2600 रुपये प्रति टन तक की राशि ही मिलती है।  ऐसे समय पर जब घरेलू बाजार में चीनी को कमसे कम 2900 रुपये मिलते है, तो फिर उससे सस्ते में चीनी निर्यात क्यों करे? ऐसा सवाल मिलर्स द्वारा उठाया जा रहा है। नतीजतन, यह घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी करने और दर बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। नतीजतन, मिलों को सामने आर्थिक नकदी की समस्याएं हैं। चीनी आयुक्त ने चीनी जब्ती पर नोटिस जारी किया है।

एनसीपी के नेता अजीत पवार की अगुवाई में मिलर्स के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चीनी आयुक्त शेखर गायकवाड़ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में हसन मुश्रीफ, चंद्रदीप नरके, प्रकाश आवाडे, गणपतराव पाटिल, माधवराव घाटगे, राजेन्द्र पाटिल-यद्रावकर, के. पी. पाटिल शामिल थे।प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा की, इस वर्ष आर्थिक रूप से मुश्किल होने के कारण, हमने 80 प्रतिशत एफआरपी की रकम किसानों को दी है, शेष 20 प्रतिशत राशि हाथ में नकद आते ही दी जाएगी। लेकिन आयुक्त गायकवाड़ ने इसे सहमति नहीं दी। कानून के लिए एफआरपी जारी करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया की, यदि हम नहीं करते हैं, तो हमें चीनी जब्ती की कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पैसा नहीं दिया जा सकता है, तो शेष 20 प्रतिशत चीनी किसानों को दी जानी चाहिए। उन्होंने मिलों को अखबारों में विज्ञापन देने और किसानों को चीनी आवंटित करने का विकल्प दिया है। तदनुसार, जिले के मिलों ने किसानों को चीनी वितरित करने का निर्णय लिया है।

डाउनलोड करे चीनीमंडी न्यूज ऐप:  http://bit.ly/ChiniMandiApp  

SOURCEChiniMandi

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here