बकाया भुगतान: गन्ना किसानों की मांग जिला बैंक और चीनी मिल प्रबंधन साथ मिलकर निकालें रास्ता

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जलगांव : चीनी मंडी

फैजपुर के मधुकर सहकारी चीनी मिल (मसाका) ने फरवरी से गन्ना किसानों का भुगतान नही किया है। जिला बैंक ने भी मिल का खाता एनपीए किया है और ऋण देने से इंकार कर दिया है। बकाया भुगतान के कारण गन्ना किसानों को परेशानी हो रही है, इसलिए, किसानों ने मांग की है की, जिला बैंक और चीनी मिल प्रबंधन साथ मिलकर बकाया भुगतान को लेकर रास्ता निकालें।

मधुकर को-ऑपरेटिव चीनी मिल एकमात्र ऐसी मिल है जो पिछले 42 वर्षों से बिना किसी रूकावट के पेराई कर रही है। मिल के क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में बारिश कम होने के कारण पानी की कमी हो गई है। जिससे मिल को पेराई के लिए जरूरी गन्ने की कमी हुई है। वित्तीय कठिनाइयों के कारण मिल का क्रशिंग सीजन 2018-19 एक महीने की देरी से शुरू हुआ, इसलिए चीनी उत्पादन में गिरावट हुई। केंद्र सरकार द्वारा चीनी की बिक्री के लिए कोटा प्रणाली शुरू करने के कारण चीनी बिक्री भी धीमी हो गई है। इसलिए बैंक द्वारा लिए गये ऋण के ब्याज बोझ बढ़ रहा है। मिल प्रबंधन द्वारा ऋण सीमा बढ़ाने के लिए बैंक को प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए 1 फरवरी से गन्ना किसानों को भुगतान नहीं किया गया है।

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