उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य का जल्द हो सकता है ऐलान: चीनी मिलों की राहत पैकेज की मांग

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लखनऊ: पहले से ही चीनी अधिशेष से त्रस्त और गन्ने की बम्पर पैदावार को देखते हुए उत्तर प्रदेश में इस सीजन में भारी चीनी उत्पादन होने की संभावना जताई जा रही है। यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन (UPSMA) ने इसे देखते हुए राज्य सरकार से बड़ी राहत पैकेज की मांग की है। राज्य की चीनी मिलों का कहना है कि सरकार वर्तमान गन्ना पेराई सत्र में गन्ने के स्टेट एडवाइजरी प्राइस (SAP) नहीं बढ़ाए तो अच्छा है। डेली पायनियर डॉट कॉम में प्रकाशित खबर के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुछ ही दिन में गन्ना मूल्य का ऐलान किया जा सकता है।

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) की सहयोगी, UPSMA ने राज्य सरकार को लिए एक पत्र में सरकार को इस क्षेत्र के प्रतिकूल परिदृश्य से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में UPSMA ने चीनी मिलों के नकदी प्रवाह में सुधार करने के लिए प्रति क्विंटल 30 रुपये की सब्सिडी / छूट की मांग की थी। इसके आलावा कई और मुद्दों पर राहत देने की मांग की गई है।

हालांकि, केंद्र ने 2019-20 में सभी राज्यों के लिए गन्ना उचित और पारिश्रमिक मूल्य (FRP) 275 रुपये प्रति क्विंटल बरकरार रखा है, यूपी अपने राज्य के किसानों को अधिक पारिश्रमिक देने के लिए बहुत अधिक एसएपी की घोषणा की। पिछले साल, यहां 315 रुपये प्रति क्विंटल SAP की घोषणा की थी, जो FRP से 40 रुपये प्रति क्विंटल अधिक थी।

इस बीच, राज्य की लगभग 35 चीनी मिलों ने पेराई कार्य शुरू कर दिया है। बाकी की चीनी मिलें, जिनमें निजी और सरकारी मिलें भी शामिल हैं, महीने के अंत तक पेराई शुरु होने की उम्मीद है। UPSMA के सचिव दीपक गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में, 30-35 मिलों ने पश्चिमी और मध्य यूपी क्षेत्रों में पेराई कार्य शुरू कर दिया है। इसमें जल्द ही पूर्वी यूपी की मिलें भी अपनी पेराई शुरु कर देंगी।

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