गन्ने की कमी ने किया महाराष्ट्र और कर्नाटक के चीनी मिलों को परेशान

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नई दिल्ली: चीनी मंडी

गन्ने की कमी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के चीनी मिलों को परेशान कर रखा है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, नए विपणन वर्ष 2019-20 में महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी के उत्पादन में एक महीने से अधिक की देरी होने की संभावना है, क्योंकि मिलों ने भारी बारिश और गन्ने की कमी के कारण अपने पेराई की शुरुआत नहीं की है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है, क्योंकि दिवाली का त्योहार मनाने के बाद मजदूर काम के लिए उपलब्ध होंगे। गन्ने की पेराई सामान्य रूप से अक्टूबर के मध्य से खासकर दिवाली के बाद शुरू होती है।

ISMA के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कहा की, महाराष्ट्र में मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू नहीं की है क्योंकि राज्य सरकार ने अभी तक पेराई की तारीख तय नहीं की है। मिलों को देरी हो रही है क्योंकि राज्य में गन्ने की उपलब्धता भी काफी कम है। उन्होंने कहा कि, देश में चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में गन्ने का उत्पादन कम होने की संभावना है। वर्मा ने कहा कि, पेराई में अधिक देरी सोलापुर और मराठवाड़ा जैसे गन्ने की कम फसल वाले क्षेत्रों में होगी। सांगली, कोल्हापुर और पुणे जैसे दक्षिणी महाराष्ट्र में गन्ने की फसल अच्छी स्थिति में है और नई राज्य सरकार द्वारा संचालन की तारीख तय होते ही पेराई शुरू हो जाएगी।

वर्मा ने कहा कि, इसी तरह कर्नाटक में, बेलगाम, बागलकोट और बीजापुर जिलों में हाल ही में बाढ़ के कारण क्रशिंग ऑपरेशन में देरी होने की उम्मीद है।

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