तमिलनाडु: राज्य सरकार द्वारा अन्य राज्यों से गुड़ खरीद ने से स्थानीय गुड़ निर्माता परेशान

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धर्मपुरी: पोंगल के लिए केवल तीन सप्ताह से भी कम समय बचा है और तमिलनाडु के गुड़ उत्पादक चिंतित हैं क्योंकि राज्य सरकार उनसे गुड़ खरीद नहीं कर रही है। गुड़ उत्पादकों ने सरकार से स्थानीय इकाइयों से गुड़ खरीद करने और ग्रामीण व्यवसायों की मदद करने का आग्रह किया। आपको बता दे की, गुड़ पोंगल हैम्पर में शामिल 21 वस्तुओं में से एक है जिसे पीडीएस कार्ड धारकों को मुफ्त में वितरित किया जाना है।

धर्मपुरी गन्ना और गुड़ उत्पादक संघ (DSJPA) के कोषाध्यक्ष चिन्नास्वामी ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, पिछले कुछ वर्षों में, गन्ने के उत्पादन में कमी के कारण श्रम लागत में वृद्धि से गुड़ के व्यवसाय पर असर पड़ा है। इस स्थिति ने गुड़ के व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है जो एक कुटीर उद्योग है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि पोंगल गिफ्ट हैंपर में एक किलो गुड़ शामिल किया जाएगा। लेकिन, यह राज्य के भीतर इकाइयों से गुड़ नहीं खरीदा जाता है। जब हमने पूछताछ की, तो हमने पाया कि गुड़ कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से लाया जा रहा है। जब हमारे राज्य में गुड़ का अधिशेष उत्पादन होता है, तो अन्य राज्यों से खरीदने की क्या आवश्यकता है?।

डीएसजेपीए के अध्यक्ष पी कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘फिलहाल हमारा बाजार भाव 45 रुपये प्रति किलो है। एक गुड इकाई एक दिन में एक टन से अधिक गुड़ का उत्पादन कर सकती है। धर्मपुरी में, ऐसी 63 से अधिक इकाइयां हैं और प्रति दिन, यह कुल 63 टन गुड़ उत्पादन करती है। इस मोटे हिसाब को ध्यान में रखते हुए, हमारे पास धर्मपुरी में लोगों को आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त से अधिक गुड उपलब्ध है। इसी तरह, सेलम, इरोड, वेल्लोर जैसे जिलों में भी गुड का अधिशेष उत्पादन होता है। हालांकि, अब तक, स्थानीय इकाइयों के लिए सरकार द्वारा खरीद का कोई उदाहरण नहीं मिला है जो निराशाजनक है।

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