थाईलैंड की चीनी मिलों को सूखे का डर

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थाईलैंड: थाईलैंड की चीनी मिलों को डर है कि वर्ष 2020-21 के दौरान यदि सूखे की स्थिति रही तो उनका उत्पादन एक और साल बूरी तरह प्रभावित हो सकता है। थाई सुगर मिलर्स कॉरपोरेशन (टीएसएमसी) के जनसंपर्क कार्यकारी समूह के अध्यक्ष सिरीवुत सीमपाकडी ने कहा कि शुगर इंडस्ट्री बूरे दौर से गुजर रहा है और हमें एक और सूखे वाले साल के लिए तैयार रहना चाहिए।

पिछले वर्ष 2019-20 के सीजन में टीएसएमसी के मुताबिक 74.9 मिलियन टन गन्ने से 8.27 मिलियन टन चीनी उत्पादन हुआ था।

सिरिवुत ने कहा कि पिछले वर्ष सूखे के संकट ने वैश्विक स्तर पर चीनी उद्योग को प्रभावित किया। इसके कारण वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतों में 15 अमेरिकी सेंट प्रति पाउंड तक की वृद्धि हुई, लेकिन इस साल ब्राजील की चीनी निर्यात बढ़ाने की योजना है। हमारी इस पर नजर है। हम देखना चाहते हैं कि क्या इससे हमारे यहां चीनी की कीमतों में गिरावट आएगी। हम भी इथेनॉल के उत्पादन की ओर जा सकते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के फैलने से तेल की मांग में भी कमी हुई है। थाईलैंड के गन्ना औऱ चीनी उद्योग पर इसका असर होगा।

थाईलैंड ब्राजील के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। सिरिवुत ने कहा कि थाईलैंड में चीनी मिलें गन्ना किसानों को पानी के लिए जलाशयों के निर्माण में मदद करना चाहती हैं ताकि सूखे के दौरान उन्हें कोई दिक्कत न हों।

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