आवश्यक वस्तु कानून को आसान बनाने के लिए केन्द्र ने मांगी राज्यों की राय

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केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान ने राज्‍यों के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्रियों, सचिवों और अन्य अधिकारियों के साथ पांचवीं राष्ट्रीय परामर्श बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए पासवान ने मंत्रालय की विभिन्न नई पहलों के बारे में अपने सुझाव देने के लिए सभी प्रतिभागियों के साथ खुलकर बातचीत की और उनकी चिंताओं को समझा तथा उन्‍हें दूर करने के बारे में जानकारी दी। छत्‍तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा के उपभोक्ता राज्य के मंत्रियों के साथ उपभोक्‍ता सशक्तिकरण, संरक्षण और कल्‍याण, राशनकार्डों की राष्‍ट्रीय पोर्टेबिलिटी, उचित मूल्य की दुकानों के स्वचालन, आधार सीडिंग आदि पर व्यापक चर्चा हुई।

परामर्श बैठक के बाद मीडिया केा संबोधित करते हुए श्री पासवान ने राज्‍य सरकारों की ऐसे आयोजनों में व्‍यापक रूप से भागीदारी और सरकार की अनेक महत्‍वपूर्ण पहलों को लागू करने के बारे में विचार-विमर्श करने पर प्रसन्‍नता जाहिर की।

पासवान ने कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम को सरल बनाने तथा सरकार की कारोबार को आसान बनाने की नीति को अधिक तर्कसंगत बनाने के लिए दंडात्‍मक प्रावधानों के बारे में राज्‍य सरकारों से विवरण देने के लिए कहा। उन्‍होंने बताया कि अब सभी राज्‍य एनएफएसए के तहत आते हैं, जबकि 2014 में केवल 11 राज्‍य इसके तहत थे। उन्‍होंने राइस फोर्टिफिकेशन योजना और राशन कार्डों की प्रोर्टेबिलिटी के बारे में बड़े पैमाने पर राज्‍यों की भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया। उन्‍होंने जम्‍मू कश्‍मीर के अधिकारियों से एनएफएसए के तहत अपनी जरूरतें बताने के लिए कहा ताकि आवश्‍यक खाद्यन्‍न का सर्दियां शुरू होने से पहले ही स्‍टॉक किया जा सके।

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