आजरा चीनी मिल का भविष्य खतरे में: दिनों-दिन गहराता जा रहा है संकट

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कोल्हापुर: चीनीमंडी

आज़रा सहकारी चीनी मिल के सामने का संकट दिनों-दिन गहराता जा रहा है। हालांकि आगामी पेराई सत्र में मिल को किसी अन्य समूह को चलाने की अनुमति देने के लिए बातचीत चल रही है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं होने से हजारों किसान और श्रमिकों में बेचैनी है। किसान, श्रमिक और ट्रांसपोर्टरों ने मिल के निदेशक के साथ आयोजित बैठक में मिल प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताई। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया था कि, आनंदराव कुलकर्णी की अध्यक्षता में एक समिति नियुक्त की जानी चाहिए।

कुछ दिन पहले नाराज श्रमिकों ने मार्च में मिल अध्यक्ष अशोक चराटी के कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की और कार्यालय को बंद कर दिया था। हालांकि, उसके बाद बुलाई गई बैठक में सदस्यों ने सर्वसम्मति से मिल को चलाने की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, लेकिन उसके बाद भी किसान सदस्य और श्रमिक भ्रमित हैं क्योंकि निदेशक मंडल कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। बैठक में वरिष्ठ निदेशक मुकुंदराव देसाई, निदेशक संपत देसाई, विष्णुपंत केसरकर, सुनील शिंत्रे ने कार्यकर्ताओं की ओर से भूमिका प्रस्तुत की।

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