वैश्विक बाजार में चीनी की होगी कमी, भारत पर निर्भरता बढ़ेगी : अल्वीन

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नई दिल्ली : दुनिया के सबसे बड़े चीनी व्यापारी कारगिल इंक और ब्राजील के निर्माता कोपरूसर एसए के संयुक्त उद्यम अल्वीन को उम्मीद है कि, वैश्विक बाजार को दो साल चीनी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।अल्वीन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पाउलो रॉबर्टो डीसूजा ने कहा कि, इस सीजन में चीनी उत्पादन में 5 मिलियन मीट्रिक टन की कमी आएगी, और 2021-22 में 6 मिलियन टन कमी की संभावना होगी।थाईलैंड और यूरोप के चीनी उत्पादन में गिरावट आई है और पिछले साल के सूखे के बाद ब्राजील कम चीनी बनाने के लिए तैयार है। ऐसी स्थिति में दुनिया को चीनी के लिए भारत पर निर्भर होना पड़ेगा, जहां चीनी का उत्पादन बढ़ रहा है।हालांकि भारत सरकार ने दिसंबर में चीनी निर्यात सब्सिडी को मंजूरी दी थी, जो व्यापारियों की अपेक्षा से छोटी थी।

2017 के बाद पहली बार सोमवार को चीनी की कीमतें 16 सेंट प्रति पाउंड से अधिक हो गईं।इंडेक्स फंड्स को छोड़कर सट्टेबाजों ने पिछले साल छह गुना से अधिक चीनी की कीमतों पर दांव बढ़ाया।डीसूजा ने कहा कि, चीनी बाजार अभी भी लॉकडाउन की एक और लहर से सुर्खियों में आ सकता है, जो कि खपत को कम कर सकता है, या अगर फंड अपनी बड़ी लंबी पोजीशन को बेचने का फैसला करते है तो भी चीनी की दरों में हल्की सी गिरावट देखि जा सकती है।

 

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