युगांडा चीनी उद्योग ध्वस्त होने के कगार पर; सरकार से हस्तक्षेप की मांग

236

कम्पाला : बुसोगा उप-क्षेत्र में एक सप्ताह से भी कम समय में गन्ने की कीमत में प्रति टन Shs104,000 से Shs99,000 तक लगातार हो रही गिरावट के कारण गन्ना किसान काफी दुखि हैं। जुलाई के मध्य में, मिलर्स ने Shs110,000 से Shs104, 000 तक गन्ने की कीमतें कम कर दीं है। बुसोगा गन्ना ग्रोअर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता गॉडफ्रे नितेमा ने सरकार से कहा कि, अगर वह चीनी उद्योग को जीवित रखना चाहते हैं तो उनके बचाव में आना चाहिए। उन्होंने कहा, मिलर्स कह रहे हैं कि निर्यात पर प्रतिबंध के कारण उनकी बिक्री कम हुई है, इसलिए सरकार को चीनी उद्योग ध्वस्त होने से पहले हस्तक्षेप करना चाहिए।

नितेमा ने कहा कि, कीमतों को कम करना एक समाधान नहीं है। सरकार को अन्य देशों की तरह चीनी उद्योग को सुरक्षा देने के लिए अतिरिक्त चीनी की खरीद और स्टॉक करना चाहिए। यदि नहीं, तो हम मिलों को गन्ना की आपूर्ति बंद कर देंगे क्योंकि हम नुकसान में चल रहे हैं। युगांडा चीनी उत्पादक संघ के अध्यक्ष जिम कबाहो ने कहा की, चीनी बिक्री में गिरावट के कारण ही गन्ने की कीमतों में निरंतर कमी हो रही हैं। उन्होंने कहा, हम पूर्वी अफ्रीकी देशों में चीनी का निर्यात करते थे, लेकिन रवांडा जैसे अधिकांश देशों ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। केन्या, जो गन्ने और चीनी दोनों के लिए एक बड़ा बाजार था, उन्होंने भी आयात बंद कर दी है। चीनी मिलों में अधिशेष मात्रा में चीनी है।

यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here