युगांडा को अधिशेष चीनी से राहत: तंजानिया को चीनी निर्यात का फैसला

कम्पाला : युगांडा अपने पड़ोसी देश तंजानिया को चीनी निर्यात करने का फैसला किया है, जिसमें 20,000 टन की पहली खेप निर्यात पर दोंनो देशों के बीच सहमति व्यक्त गई है। युगांडा में अधिशेष चीनी की समस्या बनी हुई है, और युगांडा सरकार चीनी बिक्री के लिए नये नये बाजार तलाश रही है। मंगलवार को जारी स्टेट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि, मई 2020 के अंत तक चीनी की पहली खेप तंजानिया को निर्यात की जाएगी।

बयान में कहा गया, यह पहली खेप है, जिसने युगांडा की चीनी मिलों के लिए बाजार के अवसर खोले है। राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने सोमवार को तंजानिया के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जो कैगिन शुगर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सीफ एली सीफ की अध्यक्षता में हुई। मुसेवेनी ने युगांडा से चीनी आयात करने की अनुमति के लिए अपने तंजानिया समकक्ष जॉन मैगुफुली का आभार व्यक्‍त किया।

युगांडा के व्यापार मंत्री अमेलिया कामाबड़े ने बैठक में बताया कि, यह सौदा युगांडा के मिलर्स के लिए राहत की बात है, जो लंबे समय से तंजानिया के बाजार में चीनी बिक्री के अवसर तलाश रहे थे। मंत्री कामाबड़े ने कहा कि, युगांडा में 48,000 टन चीनी अधिशेष है, जिसे तंजानिया की वर्तमान चीनी की कमी को दूर करने के लिए निर्यात किया जा सकता है।

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