लंबी बातचीत के बाद युगांडा की चीनी को केन्याई बाजार में मिला प्रवेश

206

कंपाला : केन्या लंबी बातचीत के बाद युगांडा की चीनी को अपने बाजार में बिक्री पहुंचने की अनुमति देने वाला तंजानिया के बाद दूसरा नवीनतम पड़ोसी देश बना है। केन्या ने युगांडा से चीनी आयात पर रोक लगा दी थी। युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी द्वारा 23 दिसंबर को जारी किये बयान के अनुसार, चीनी प्रतिबंध पर चर्चा करने के लिए इस महीने की शुरुआत में उन्होंने अपने केन्याई समकक्ष उहुरू केन्याटा से संपर्क किया था। दोनों देशों ने बाद में सहमति व्यक्त की कि केन्या सालाना युगांडा की 90,000 मीट्रिक टन चीनी को बाजार शुल्क मुक्त उपयोग की अनुमति देगा।

22 दिसंबर को युगांडा के प्रमुख वार्ताकार पैट्रिक ओकेलैप ने कहा कि,युगांडा में उच्च गुणवत्ता की चीनी निर्यात करने की क्षमता है। मुसेवेनी ने केन्या को धन्यवाद दिया, और कहा की यह पहल पूर्वी अफ्रीकी एकीकरण की भावना को मजबूत करेगी। इसी तरह तंजानिया ने शुरुआती चरण में 20,000 मीट्रिक टन युगांडा चीनी का आयात करने पर सहमति जताई थी। युगांडा ने कहा कि, तंजानिया सौदे से उन चीनी मिलों के लिए बाजार के अवसर खुलेंगे जिनके पास अधिशेष उत्पादन है।युगांडा के व्यापार आंकड़ों से पता चलता है कि, देश में 11 चीनी मिलें हैं, जो 510,000 टन चीनी उत्पादन करती हैं और प्रति वर्ष घरेलू खपत 360,000 टन है।अधिशेष चीनी निर्यात के लिए पर्याप्त है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here