“नो लिटिगेशन पॉलिसी” के अन्तर्गत चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने की अनूठी पहल

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लखनऊः 27 जुलाई, 2019

उ.प्र. राज्य मुकदमा नीति में वादों को न्यायालय के बाहर आपसी सहमति से निपटाने केे प्राविधान किये गये है। जिससे वादों पर होने वाले धन व समय के अनावश्यक व्यय से मुक्ति मिल सके तथा माननीय न्यायालयों में भी लम्बित वादों की सख्या में भी कमी आये। इसी क्रम में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने अनूठी पहल करते हुए ”नो लिटिगेशन पॉलिसी” के अन्तर्गत किसान सहकारी चीनी मिल्स लि. धुरियापार एवं मै.पीएस. मिश्रा के मध्य सिविल कन्ट्रक्सन वर्क्स के विवाद के सबंध में समझौता हेतु उ.प्र. सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. लखनऊ की प्रबन्ध कमेटी द्वारा प्रेषित प्रकरण को न्यायालय से बाहर आपसी सहमति से निपटाने के लिए प्रमुख सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास की अध्यक्षता में समिति द्वारा लिये गये निर्णय पर माननीय गन्ना मंत्री श्री सुरेश राणा से अनुमोदन लेकर धनराशि का भुगतान करने हेतु निर्देश पारित कर दिये गये है।

उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ लि. की समिति द्वारा कन्ट्रक्सन कम्पनी मै. पीएस. मिश्रा एवं सहकारी चीनी मिल घुरियापार (गोरखपुर) के प्रकरण पर विचार किया गया उक्त प्रकरण में एकल मध्यस्थ द्वारा वर्ष 2001 में मै.पी.एस. मिश्रा के पक्ष में मध्यस्थ अवार्ड पारित किया गया था तथा दावाकर्ता के दावों को स्वीकृत करते हुए ब्याज सहित भुगतान के आदेश पारित किये गये थे। उक्त मामला वर्षो से विभिन्न जिला तथा उच्च न्यायालय एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन था। अवार्ड के अनुसार दावाकर्ता का दावा लगभग रु. 2,08,00,000 बनता था तथा चीनी मिल संघ के प्रबन्ध कमेटी की बैठक में भी दावाकर्ता मै.पी.एस.मिश्रा कन्ट्रक्सन कम्पनी को रु. 1.75 करोड़ भुगतान कर वाद को निपटाने पर सहमति प्रदान की गयी थी।

प्रमुख सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने प्रकरण पर विचार किया तथा दोनो पक्षों को समझौते हेतु प्रेरित किया। मै.पीएस. मिश्रा द्वारा वार्ता में रु.1,62,50,000 का भुगतान सहकारी चीनी मिल संघ से प्राप्त होने की दशा में समझौता करने की लिखित सहमति प्रदान की गयी है। साथ ही इस समझौते के तहत ब्याज के रूप में कोई अतिरिक्त धनराशि का दावा न करने तथा जनपद न्यायालय में डिक्री निस्तारण हेतु दाखिल वाद वापस लेने तथा उक्त धनराशि के प्राप्त हो जाने तक भविष्य में चीनी मिल संघ के विरूद्ध कोई नया वाद किसी भी न्यायालय में दायर नही किये जाने पर भी मै.पीएस. मिश्रा द्वारा सहमति प्रदान की गयी।

मै.पीएस. मिश्रा की उचित मॉग तथा चीनी मिल संघ की सहमति के दृष्टिगत तथा सहमति की शर्तो के अनुपालन की स्थिति में मै.पीएस. मिश्रा को समझौते के आधार पर निर्धारित धनराशि रु. 1,62,50,000 का भुगतान चीनी मिल संघ द्वारा अपने स्रोतो से करने हेतु शासन द्वारा निर्देश पारित कर दिये गये है।

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