उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती का असर: चीनी मिलों ने 4 दिन में चुकाए 450 करोड़ रुपये

5639

लखनऊ: चीनी मंडी

उत्तर प्रदेश के चीनी और गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने कहा कि, गन्ना किसानों को समयपर गन्ना भुगतान करना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग और सरकार के स्तर पर गन्ना भुगतान की स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है। योगी सरकार की अवधि के दौरान किसानों को लगभग 73,520 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि, डिफाल्टर चीनी मिलों को बिना किसी देरी के पूरे गन्ने के बकाया भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, और लापरवाह मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। परिणामस्वरूप, मिलों ने 3 से 4 दिनों में 450 करोड़ का भुगतान किया है।

डी.एस.सी.एल, डालमिया, द्वारिकेश समूह और बिस्वा, परसेंडी, पीलीभीत, दौराला और टिकौला की एकल इकाइयाँ द्वारा 100% गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है।

सहकारी और निगम क्षेत्र नजीबाबाद में, मुंडेरवा और पिपराइच चीनी मिलों ने भी अपना गन्ना बकाया चुकाया है। अगले 3-4 दिनों में 500 करोड़ रुपये का भुगतान होने की उम्मीद है। 20 मिलों के प्रबंधन ने शेष गन्ने का 100% भुगतान करने का आश्वासन दिया है। भूसरेड्डी ने कहा कि, 2018-19 के लिए पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों ने कुल 33,048 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य के मुकाबले 27,460 करोड़ का भुगतान किया है। गन्ना आयुक्त ने यह भी बताया कि, गन्ना मूल्य भुगतान में लापरवाही के लिए 9 चीनी मिलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here