गन्ने का ‘पैक्ड’ गन्ना जूस बनेगा भविष्य में यूपी का ‘’ब्रांड जूस”

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लखनऊ, 9 जुलाई, गन्ना उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शुमार किया जाता है। यहां का गन्ना और चीनी न केवल देश बल्कि विदेश में मिठास रूपी अपनी खास पहचान के लिए जाना जाता है। यहीं वजह है कि यहां निर्मित गुड, चीनी और खांडसारी का विदेशों में निर्यात किया जा रहा है। अभी तक यूपी से दूसरे राज्यों में गन्ना निर्यात होता था लेकिन आने वाले दिनों में गन्ने का रस भी निर्यात होगा। इसके लिए प्रदेश के गन्ना वैज्ञानिक शोध कार्यों में जुटे है। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ गन्ना वैज्ञानिक डॉ. एमएम सिंह ने बताया कि गन्ने का रस स्वास्थ्य के लिहाज से काफी गुणकारी होता है लेकिन इसकी डिब्बाबंदी नहीं होने से उसके लम्बे समय तक संरक्षित रखने में दिक्कत आ रही थी। डॉ़ सिंह ने कहा कि हम लोग इस दिशा में शोध कर रहे है ताकि भविष्य में गन्ने के रस की डिब्बाबंद पैकिंग हो और इसे ‘पैक्ड’ जूस के रूप में बाजार में बेचें। डॉ सिंह ने कहा कि जल्द ही इस दिशा में अच्छे परिणाम सामने आएंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि एक समय था जब छाछ, लस्सी को पैंकिंग करके जब बाजार में बेचा जाता था तो लोग हंसते थे लेकिन आज इनकी मांग वैश्विक स्तर पर है। इसी तरह आने वाले दिनों में गन्ने का जूस भी आप हर दुकान में बिकते देखेंगे।

गन्ना वैज्ञानिक डॉ एम एम सिंह ने बताया कि अभी तक रेहडी पटरी वाले ही खुले में गन्ना जूस बेचते देखे जा सकते है लेकिन जल्द ही पैकिंगयुक्त गन्ना जूस आम लोगों के बीच लोकप्रिय हो जाएगा। इसकी लोकप्रियता की वजह ये भी होगी कि लोग स्वास्थ्य जागरुकता की और काफी गंभीर हो रहे है और रेहडी पटरी पर बिकने वाला जूस स्वच्छता मानकों पर इतना खरा नहीं उतरता जितना पैक्ड ज्यूस पर लोगों के मन में विश्वास बनता है।

गन्ना के रस से पैक्ड जूस बेचने संबधी भविष्य के बाजार पर मीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही ने कहा कि सरकार युआवों को कृषि व्यवसाय से जो़डकर उद्यमशील बनाने की दिशा में काम कर रही है। जो युवा इस इस तरह के काम में रूचि लेकर आगे आना चाहते है उन्हे सरकार गन्ना के रस से प्रसंस्कृत कर पैक्ड जूस बनाने की फैक्ट्री लगाने के लिए वित्तीय मदग कराएगी। इसके अलावा तकनीकी प्रशिक्षण दिलाकर उनके लिए रोजगार के विकल्प तैयार करने का काम भी किया जाएगा। कृषि मंत्री साही ने कहा कि हाल ही में सरकार ने गन्ना विकास एवं आबकारी विभागों के प्रस्तुतिकरण के दौरान युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजन और पैक्ड गन्ना जूस की बाजार में बिक्री की संभावनाओं को तलाशने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे। कृषि मंत्री ने कहा कि हमारे यहां गन्ना की सर्वाधिक उपज है तो ऐसे में इस तरह के व्यवसाय के फलीभूत होने की पूरी संभावना है। कृषि मंत्री ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश गन्ना एवं चीनी उत्पादन में अग्रणी राज्य होने के साथ इस क्षेत्र में लाखों लोगों को रोजगार भी दे रहा है। अब गन्ने के रस से पेक्ड जूस तैयार होने से रोजगार का आंकडा और बढ़ जाएगा। मंत्री ने कहा कि भविष्य में गन्ने का पैक्ड जूस उत्तर प्रदेश का जूस ब्रांड बनेगा जिसे घरेलू बाजार में बिक्री के साथ साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात के लिए हम अच्छा मार्केट उपलब्ध कराएंगे और यूपी के गन्ने की मिठास को देश और दुनिया तक पहुचाएंगे।

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