उत्तर प्रदेश 9.89 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग के साथ देश में सबसे आगे

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लखनऊ: देश में एथेनॉल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में पेट्रोल के साथ एथेनॉल का मिश्रण 9.89% तक पहुंच गया है, और यह ब्लेंडिंग देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। 12 जुलाई तक, देश भर में औसत एथेनॉल सम्मिश्रण स्तर 7.93% था। कर्नाटक ने 12 जुलाई तक 9.68% सम्मिश्रण के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, उसके बाद महाराष्ट्र (9.59%), बिहार (9.47%), मध्य प्रदेश (8.87%) और आंध्र प्रदेश (8.73%) का स्थान है।

फाइनेंसियल एक्सप्रेस डॉट कॉम में प्रकाशित खबर के मुताबिक, आंकड़ों के अनुसार, एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2020-21 के लिए कुल 4,576 मिलियन लीटर की आवश्यकता के मुकाबले तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 3,578 मिलियन लीटर को अंतिम रूप दिया। इसमें से 3,347 मिलियन लीटर मांग की प्रक्रिया 12 जुलाई तक पूरी हो चुकी हैं। इसके विपरीत, ओएमसी द्वारा 1,902 मिलियन लीटर एथेनॉल पहले ही उठाया जा चुका है, जो कि अनुबंधित मात्रा का 57% है, जिसमें औसत सम्मिश्रण प्रतिशत 7.93% है।

उत्तर प्रदेश की 54 डिस्टिलरीज ने 2020-21 में 58 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया, जिससे यह सबसे अधिक एथेनॉल उत्पादक राज्य बन गया।

केंद्र सरकार की एथेनॉल समिश्रण निति के तहत उत्तर प्रदेश सरकार भी मिलों को ज्यादा से ज्यादा एथेनॉल उत्पदान करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। नतीजन राज्य में एथेनॉल उत्पादन प्रचुर मात्रा में बढ़ रहा है। साथ ही एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से अधिशेष चीनी की समस्या भी कम होती नजर आ रही है।

भारत में एथेनॉल उत्पादन को लेकर अभी काफी चर्चा है और पिछले कुछ वर्षों में इस उद्योग में बहुत अच्छा बदलाव आया है।

आपको बता दे, सरकार का टारगेट है की 2025 तक पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

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