उत्तराखंड: सितारगंज चीनी मिल शुरू करने की मांग

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नैनीताल, उत्तराखंड: लंबित गन्ना बकाया और सितारगंज चीनी मिल को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर राजनैतिक पार्टी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने कहा की, सितारगंज के किसानों का गन्ना मूल्य अभी तक बकाया है। उन्होंने कहा की भुगतान में देरी के कारण किसानों की आर्थिक हालात अत्यंत खराब हुई है, और कई सारे किसान कर्ज में डूबे है।

पार्टी का कहना है की राज्य सरकार को गन्ना किसानों की मदद के लिए आगे आना ही होगा। सितारगंज चीनी मिल बंद होने से इलाके के हजारों गन्ना किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

आपको बता दे, पिछलें कई महिनों से लम्बित गन्ना बकाया भुगतान को लेकर किसान सरकार पर दवाब बना रहे थे और अब सरकार ने उन्हें राहत दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए 193.24 करोड़ रुपये आवंटित किये है। इस राशि से किसानों को उनके गन्ने की उपज के शेष मूल्य का भुगतान किया जाएगा। गन्ना किसान, उनके प्रतिनिधियों और किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था कि, वे गन्ना बकाया मुद्दे को हल करने के लिए प्रयास करें। इसे देखते हुए, रावत ने किसानों के हित में राशि को मंजूरी दी है।

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